हाईवे पर मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम जेल में बंद तीनों आरोपियों से पूछताछ करेगी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों से जेल में पूछताछ की अनुमति दे दी है। साथ ही सीबीआई टीम को सभी छह आरोपियों के फिंगर और फुट प्रिंट लेने की अनुमति मिल गई है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई टीम जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है। 29 जुलाई की रात कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के दोस्तपुर गांव के निकट हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप की वारदात हुई थी। पुलिस ने धहपा निवासी शाबेज, रबूपुरा निवासी जबर सिंह और सुतारी निवासी रईस को एक अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसके बाद कन्नौज निवासी सलीम, जुबेर उर्फ परवेज और साजिद को नौ अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सीबीआई टीम को जांच ट्रांसफर होने से पहले पुलिस की टीम शाबेज और जबर सिंह को तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। जबकि, 14 दिन की न्यायिक हिरासत के दौरान पुलिस रईस को रिमांड पर नहीं ले सकी थी।
हाईकोर्ट के आदेश पर जांच कर रही सीबीआई टीम ने नौ अगस्त को जेल गए सलीम, जुबेर उर्फ परवेज और साजिद को तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच की मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को जबर सिंह और शाबेज के घर जाकर टीम ने परिजनों से पूछताछ की।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को सीबीआई टीम ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या द्वितीय (पॉक्सो एक्ट) ध्रुव कुमार तिवारी के न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया।
जिसमें रईस, जबर सिंह और शाबेज से जेल में पूछताछ की अनुमति मांगी थी। इसके अलावा सभी छह आरोपी रईस, शाबेज, जबर सिंह, सलीम, जुबेर उर्फ परवेज और साजिद के फिंगर व फुट प्रिंट लेने की अनुमति मांगी।