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नकदी पकड़ी, कागज दिखाने पर भी दरोगा ने 35 हजार लेकर छोड़ा

Tue, 24 Jan 2017 10:29 PM IST
अमर उजाला/बुलंदशहर
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घायल फौजी व मौके पर मौजूद पुलिस बल। - फोटो : ब्यूरो
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चुनाव आयोग बेशक सख्ती बरत रहा हो लेकिन पुलिस अपना रवैया बदलने को तैयार नही है। कोतवाली देहात में तैनात एक दरोगा ने चेकिंग में एक व्यापारी से करीब डेढ़ लाख रुपया पकड़ा और उससे 35 हजार रुपये की घूस ले ली। व्यापारी पुलिस को कागजात दिखाता रहा, लेकिन दरोगा ने एक नहीं सुनी।
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व्यापारी की शिकायत पर एसपी सिटी ने दरोगा के खिलाफ जांच बैठा दी है। आरोपी दरोगा से व्यापारी को 35 हजार रुपये भी वापस कराए गए हैं। जानकारी के मुताबिक एक सप्ताह पहले एक व्यापारी डेढ़ लाख रुपये लेकर कार से जा रहा था। तभी कोतवाली देहात में तैनात दरोगा रुसतम सिंह टीम के साथ चोला रोड पर गंगेरुआ के पास वाहनों की तलाशी ले रहे थे।

तभी बुलंदशहर की ओर से कार आती दिखाई दी। कार रुकवाकर तलाशी लेने पर व्यापारी के पास से करीब डेढ़ लाख रुपये मिले। नकदी के कागजात मांगने पर व्यापारी ने दस्तावेज दिखा दिए। आरोप है कि दरोगा रुसतम सिंह ने व्यापारी को धमकाया और 35 हजार रुपये रखने के बाद बाकी रकम लौटा दी। जब व्यापारी ने पूरा रुपया वापस मांगा तो झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया।
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पीड़ित व्यापारी ने मामले की शिकायत एसपी सिटी से की। एसपी सिटी ने दरोगा रुसतम सिंह को जमकर फटकार लगाई और नकदी लौटाने के आदेश दिए। एसपी सिटी ने बताया कि दरोगा ने 35 हजार रुपये लौटा दिए हैं। आरोपी दरोगा के खिलाफ जांच बैठाई गई है। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।

कार की तलाशी पर भिड़े पुलिस-फौजी, हंगामा
गाड़ी की तलाशी को लेकर उड़नदस्ता टीम, पुलिस और आर्मी के एक हवलदार में बीच चौराहे पर जमकर मारपीट हुई। मारपीट में फौजी और एक कांस्टेबल घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

जानकारी के मुताबिक औरंगाबाद थाना क्षेत्र के हिमायतगढ़ी निवासी सगीर खान फौज में हवलदार के पद पर हैं। वह मंगलवार को कार से अपने भतीजे मोमीन और उसकी पत्नी के साथ रिश्तेदारी खंदोई से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान ब्लॉक के पास मजिस्ट्रेट सूरज शर्मा के नेतृत्व में पुलिस का उड़नदस्ता टीम वाहनों की चेकिंग कर रहा था।

टीम ने फौजी की कार को रुकवाकर तलाशी लेनी शुरू कर दी। इसी बीच हवलदार और पुलिस टीम के बीच कहासुनी होने लगी। बात बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाल अन्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को शांत कराया। टीम में शामिल कांस्टेबल कपिल का आरोप है कि फौजी ने तलाशी के दौरान उसके मुंह पर घूंसा मारा।

जबकि फौजी का आरोप है कि सिपाही ने बिना कारण उसके सिर में डंडा मारा था। कोतवाल श्यामवीर सिंह ने बताया कि किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। दोनों पक्षों को मेडिकल के लिए भेज दिया गया है।
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