पंजाब नेशनल बैंक से सीसीटीवी के डीवीआर चोरी की जांच कर रही पुलिस के बार-बार बुलाने पर वह सफाई कर्मी कोतवाली नहीं पहुंचा जिसे सबसे पहले वारदात का पता चला था। उसकी जगह बैंक मैनेजर कोतवाली पहुंचे तो कोतवाल ने उन्हें सफाई कर्मी को कोतवाली भेजने की बात कहते हुए लौटा दिया। पुलिस जल्द ही वारदात के खुलासे का दावा कर रही है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब नेशनल बैंक की डिप्टीगंज शाखा में सोमवार रात चोर सीसीटीवी की डीवीआर (डिजीटल वीडियो रिकॉर्डर), काउंटर नंबर तीन से सीपीयू, मॉनिटर, माऊस, कीबोर्ड चुरा ले गए। इसकी एफआईआर मैनेजर अशोक अग्रवाल ने मंगलवार दोपहर दर्ज कराई। बकौल मैनेजर चोरी का पता सबसे पहले सफाई कर्मी को चला।
उसकी सूचना पर ही वे बैंक पहुंचे और जानकारी जुटाकर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस मौके पर पहुंची तो मौके पर फिंगर प्रिंट नहीं मिले। पुलिस के मुताबिक, बैंक से सबूत मिटाने के प्रयास किए गए हैं। इससे बैंककर्मियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ रही है।
नगर कोतवाल पोसीराम शर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह सफाई कर्मचारी को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया, लेकिन वह कई बार बुलाने पर भी कोतवाली नहीं आया जबकि उनकी जगह बैंक मैनेजर कोतवाली पहुंच गए। उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि वह सफाई कर्मी को कोतवाली भेजें।
बता दें कि नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंकों में व्यापक स्तर पर हेराफेरी मिली है। पीएमओ कार्यालय ने दो दिन पहले ही 500 से अधिक बैंकों का स्टिंग कराए जाने का खुलासा किया था। इसके बाद माना जा रहा था कि आरबीआई बैंकों के रिकॉर्ड और डीवीआर मांग सकता है।