नगर कोतवाली क्षेत्र के चांदपुर रोड स्थित नया गांव में किराए पर रहने वाले बसपा विधायक के करीबी व्यक्ति की सोमवार सुबह संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह विधायक के पीआरओ थे। हालांकि, विधायक ने उन्हें सिर्फ अपना करीबी बताया है।
उधर, परिजनों ने तहरीर में लाइसेंसी पिस्टल साफ करते समय चली गोली लगने से मौत होने का कारण बताया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। हापुड़ जिला थाना पिलखुवा के मसौता गांव निवासी अशोक कुमार पुत्र राजपाल सिंह चांदपुर रोड स्थित नया गांव में परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे।
अशोक अनूपशहर क्षेत्र से बसपा के विधायक चौधरी गजेंद्र सिंह के काफी करीबी थे। चांदपुर रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास रहने वाले मनोज पुत्र बलवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार सुबह अपनी बहन मीनू से मिलने के लिए नयागांव गए थे।
उस समय उनके बहनोई अशोक कुमार अपनी लाइसेंसी पिस्टल साफ कर रहे थे। तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। देखा तो बहनोई अशोक कुमार जमीन पर लहूलुहान पड़े थे। उनके सिर से खून निकल रहा था। फौरन उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर बसपा विधायक चौधरी गजेंद्र सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मनोज की तहरीर पर हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। वहीं, लोगों में चर्चा है कि अशोक कुमार विधायक चौधरी गजेंद्र सिंह के पीआरओ थे लेकिन विधायक ने बताया कि अशोक कुमार उनके भाई जैसे थे।
उधर, जिला अस्पताल में पहुंचे लोगों में चर्चा रही कि घरेलू कलह के चलते अशोक कुमार ने खुद को गोली से उड़ाया है। हालांकि परिजन इस बात से साफ इंकार कर रहे हैं। नगर कोतवाल पोसीराम शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।