खुर्जा चेयरमैन हाजी रफीक फड्डा से मुख्यमंत्री का ओएसडी बनकर 40 लाख की ठगी करने वाले गिरोह को क्राइम ब्रांच और खुर्जा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत छह लोगों को पकड़ा है। शातिरों के पास से ठगी की रकम में से सात लाख की एफडी समेत 21.41 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
पकड़े गए गिरोह में जीजा-साले के अलावा पिता-पुत्र भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी छह लोगों को जेल भेज दिया है। एसएसपी वैभव कृष्ण और एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि खुर्जा चेयरमैन हाजी रफीक फड्डा ने 30 जून को खुर्जा कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिसमें रफीक ने पुलिस को बताया था कि उसकी अल्तमश फ्रोजन फूड की एनओसी के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के यहां फाइल चल रही है। 22 जून को किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ओएसडी अशीष यादव बनकर फोन किया। उसने एनओसी की एवज में पार्टी फंड में 40 लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा था।
चेयरमैन ने दो बार में खाते में 40 लाख रुपये जमा करा दिए। बाद में ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने जब तफ्तीश की तो पता चला कि ठगों ने जिस नंबर से फोन किया था, वह फर्जी आईडी पर थे। साथ ही जिस अकाउंट में रुपये डलवाए थे, वह नरेंद्र सिंह पुत्र अनिल सिंह निवासी न्यू आबादी, ताज नगरी ताज गंज आगरा के नाम पर खुला था।
ठगों ने उस खाते से रुपये निकालकर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। इस संबंध में फर्जी सिम बेचने वाले सुमित अग्रवाल और अजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जांच में हनीफ उर्फ आलमगीर, मुशर्रफ बेग पुत्र बाबू खां, इस्लाम पुत्र इकराम, रहीस पुत्र अब्दुल गफूर, वासिफ खां पुत्र रहीस खां व हरिओम शर्मा पुत्र छगनलाल शर्मा के नाम सामने आए। सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।