कस्बे के एक फ्लोर मिल मालिक से फोन पर मांगी पांच लाख की रंगदारी का पुलिस ने खुलासा कर दिया। व्यापारी के साले और उसके दोस्त ने कर्ज चुकाने के लिए रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न मिलने पर परिवार सहित हत्या की धमकी दी थी।
पुलिस ने फिरौती की रकम लेने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर आए दोनों आरोपियों को फिरौती की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रविवार को वारदात का खुलासा करते हुए दोनों को जेल भेज दिया है।
एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 24 अगस्त 2016 को मोहल्ला पुरानी मंडी निवासी फ्लोर मिल मालिक सुनील ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उससे फोन पर दो अलग-अलग नंबरों से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। रुपये न देने पर परिवार सहित हत्या की धमकी दी है।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि विवेचना में सुनील का साला रामबाबू पुत्र श्रीचंद निवासी मोहल्ला प्रेमनगर थाना जेवर जिला गौतमबुद्धनगर और रामबाबू के दोस्त रवि कुमार पंडित पुत्र लुचाहे पंडित निवासी पोड़िया थाना फालका (बिहार) के नाम प्रकाश में आए।
वादी ने दोनों आरोपियों को फिरौती की रकम देने के लिए चार सितंबर 2016 की सुबह 5.30 बजे गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन पर बुलाया। वादी के साथ जहांगीराबाद पुलिस भी थी। व्यापारी सुनील ने रुपयों से भरा बैग गाजियाबाद रेलवे स्टेशन की बेंच पर रख दिया।
थोड़ी देर बाद जैसे ही दोनों आरोपी बैग लेकर चलने लगे तो टीम ने घेराबंदी करके उनको गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पांच लाख रुपयों से भरा बैग भी बरामद कर लिया।
एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया कि उनके ऊपर काफी लोगों का कर्जा हो गया था। जिसे चुकाने के लिए उन्होंने सुनील से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।