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हैवानियत में बावरिया नहीं रईस गैंग का हाथ

Thu, 04 Aug 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,शशि कुमार श्रीवास्तव
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गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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 हाईवे पर हैवानियत की बेहद सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले हैवानों की संख्या छह-सात नहीं बल्कि आठ थी। ये रईस गैंग से जुड़े हैं। उन्होंने वारदात से पहले ढाबे से खाना पैक कराया और शराब के 8 क्वार्टर खरीदे थे। बोतलों की संख्या और ढाबे की पैकिंग की तफ्तीश करते हुए पुलिस रईस और उसके साथियों तक पहुंची थी।
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पीड़ित के पिता ने भी सिर्फ रईस को ही पहचाना था। उसके मोबाइल की लोकेशन भी वारदात से पहले आसपास मिली थी। हो सकता है पुलिस अगले दो-तीन दिन में पूरा मामला खोल दे। हालांकि पुलिस ने बावरिया गैंग को अभी भी जांच के दायरे से बाहर नहीं किया है।

30 जुलाई की सुबह करीब 5.30 बजे पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची। वहां शराब के आठ क्वार्टर, मांसाहार खाने के कुछ अंश, चिप्स के पैकेट, अंडे के छिलके आदि मिले। बवाल की आश्ंाका को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में मौके से सभी साक्ष्य एकत्रित कर लिए। घटनास्थल को लगभग पूरी तरह साफ कर दिया गया।
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एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस के हाथ रईस तक पहुंच गए। आसपास के ढाबा संचालकों से हुई पूछताछ के बाद पता चला था कि इतना खाना कौन व्यक्ति ले गया था। इसके अलावा आसपास के शराब ठेका संचालकों से भी पुलिस ने पूछताछ की थी।

ढाबा संचालक और शराब ठेकों के सेल्समैनों से हुई पूछताछ में रईस का नाम सामने आया।  पुलिस की गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार रईस के शराब पीने का अलग स्टाइल है। वह अपने साथियों के लिए अलग-अलग क्वार्टर लेता है। सभी शराब तो साथ पीते हैं, लेकिन सभी अपने-अपने क्वार्टर से ही पैग बनाते हैं।

नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस अफसर ने बताया कि गांव सुतारी निवासी रईस पिछले कई माह से आसपास के इलाकों और हाईवे पर वारदातों को अंजाम दे रहा था। रईस के गैंग में खुर्जा और गुलावठी के मेवाती समुदाय के कुछ बदमाश शामिल हैं। रईस के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल के मिली है। 

उसने कई लोगों से बात भी की थीं, लेकिन वारदात के समय मोबाइल लोकेशन घर पर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, रईस वारदात के समय मोबाइल को घर पर रखकर आया था। पुलिस अब रईस द्वारा बात की गई नंबरों की जांच कर रही है।  

बेटी के साथ एक ने और मां के साथ दो ने किया था रेपः हाईवे पर मां से दो ने और बेटी से एक आरोपी ने रेप किया था। सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित मां-बेटी ने पुलिस को दिए बयान में बताया था। बयानों में महिला ने बताया था कि उसके साथ दो बदमाशों ने और नाबालिग के साथ एक आरोपी ने दरिंदगी की थी।

नामों के खेल में उलझी पुलिस
शुरूआती जांच में पुलिस नामों के खेल में उलझ गई। दरअसल, वारदात के दौरान आरोपी फर्जी नामों से एक-दूसरे को पुकार रहे थे। इसके अलावा बावरिया स्टाइल में हाईवे होल्डअप और डकैती की वारदात को तो अंजाम दिया गया, लेकिन बावरिया गिरोह महिलाओं से रेप के लिए नहीं जाना जाता। बावरिया गैंग वारदात के बाद मौके पर पॉटी करने के लिए भी जाना जाता है।

खुर्जा कांड में भी शामिल थी रईस
खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव धराऊ में निर्माणाधीन कोल्डस्टोर पर 24 जुलाई को डकैती और महिलाओं से रेप का शक भी रईस गैंग पर है। रईस के गिरोह ने 30 जून को नेशनल हाईवे के पास ही एक ढाबे पर लूट की वारदात की थी। ढाबा संचालक का आरोप है कि बदमाशों ने उसके ढाबे से हजारों रुपये के अलावा ट्रक चालकों को भी लूटा था। 20 दिन पहले लूट और रेप के मामले पर भी पुलिस ने पर्दा डाल दिया था।

मां-बेटी को मिलेगा मुआवजा
बुलंदशहर (ब्यूरो)। हाईवे पर हैवानियत का शिकार हुईं मां-बेटी के जख्मों पर मरहम लगाने की सरकारी कवायद शुरू हो गई है। गाजियाबाद प्रशासन द्वारा फ्लैट दिए जाने के बाद पुलिस ने बिटिया के माता-पिता से एकाउंट नंबर मांगा है। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि   गैंगरेप पीड़िता को सात लाख और पॉक्सो एक्ट में तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नोडल अधिकारी द्वारा राशि जारी की जाएगी। नोडल अधिकारी द्वारा ही खाते से पीड़ितों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।

पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ी
गाजियाबाद/खोड़ा (ब्यूरो)। बुलंदशहर गैंगरेप मामले में पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बुधवार को परिजनों ने आरोप लगाया था कि कुछ सपा नेता उन्हें जबरन लखनऊ ले जाने का दबाव बना रहे हैं। बृहस्पतिवार को इस संबंध में खबरें प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया और डीएम निधि केसरवानी के आदेश पर पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई।

जांच चल रही है। जांच पूरी तरह सही दिशा में है। जल्द ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा। - अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी
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