बीटेक छात्र मयंक (21) की हत्या के आरोप में गर्लफ्रेंड और उसके डॉक्टर
पिता समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट मयंक के
पिता ऊधम सिंह ने दर्ज कराई है।
हत्या सुपारी देकर शूटरों से कराए जाने का
दावा किया गया है। पोस्टमार्टम में एक ही गोली लगना आया है। गोली तमंचे से
सटाकर चलाई गई, जो गर्दन पर लगकर पीछे से निकल गई।
आरोपी युवती पुलिस
हिरासत में है। गाजियाबाद के एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने बताया
कि कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, वारदात का खुलासा करने के लिए दो टीमें
लगाई गई हैं।
अवैध संबंधों के एंगल पर भी जांच की जा रही है। आरोपी युवती
खुद को बेकुसूर बता रही है और हमलावरों के बारे में जानकारी से इनकार कर
रही है।
उसके परिजन भी विजयनगर थाने पहुंचे और बताया कि उन पर लगे आरोप
झूठे हैं। बता दें कि जहांगीराबाद के रोगनग्रान मोहल्ला निवासी मयंक (21)
की हत्या शुक्रवार रात की गई थी। वह गर्लफ्रेंड के साथ संतोष मेडिकल कॉलेज
के पास चाचा सोहनवीर की कार में बैठा था।
उसकी गर्लफ्रेंड भी जहांगीराबाद
की रहने वाली है। वह एमबीबीएस की कोचिंग ले रही है। मयंक भोपाल में बीटेक
की पढ़ाई कर रहा था।
वहीं मयंक का शव शनिवार को जैसे ही मोहल्ला
रोगनग्रान स्थित घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। मयंक के आवास पर भीड़ इतनी
थी कि उसके शव को खुले मे रखना पड़ा।
मंयक के पिता उधम सिंह ने बताया कि
युवती के पिता ने करीब छह माह पूर्व मयंक को अपने घर ले जाकर उसके साथ
मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय लोगों ने फैसला कर
दिया था। उधम सिंह ने बताया कि यदि वह उस समय लोगों के फैसले को नहीं मानते
तो शायद आज उनके पुत्र की हत्या नहीं होती।