पांच लाख फिरौती न देने पर दोस्त के चार माह के बेटे का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने अलीगढ़ क्षेत्र के गांव कल्लूपुरा में ज्वार के खेत से शव बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने गिरवी रखे पत्नी के जेवर और बाइक छुड़ाने के लिए वारदात की।
क्षेत्र के बरखेड़ा गांव निवासी रेशमपाल लोधी अलीगढ़ में मजदूरी का काम करता है। कुछ दिन पूर्व उसकी मुलाकात अलीगढ़ के जवा थाना निवासी अरुण चंद्र से हुई। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। बुधवार को अरुण अपने घर पर पत्नी से अनबन होने की बात कहकर रेशमपाल के घर बरखेड़ा आया था।
वह रात पर रेशपपाल के घर रुका। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे जब रेशमपाल और उसकी पत्नी खेत पर काम करने गए, अरुण उनके चार माह के मासूम बेटे अमन को उठाकर ले गया। साथ में वह रेशमपाल का मोबाइल भी ले गया था। खेत से लौटने पर बच्चे को न पाकर रेशमपाल ने तलाश की तो पड़ोसियों से पता चला कि अरुण चंद्र उसे लेकर गया है।
रेशमपाल ने अरुण से जब मोबाइल पर बात की तो अरुण चंद्र ने पांच लाख रुपये फिरौती मांगी। धमकी दी कि अगर वह रुपये नहीं देगा तो उसके बेटे को वह मार डालेगा। पीड़ित रेशमपाल ने पुलिस को सूचना दी। उसके बाद से थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर अरुण चंद्र की तलाश करती रही।
मोबाइल से बात करते हुए सर्विलांस से लोकेशन का पता करते पुलिस टीम ने शुक्रवार सुबह करीब छह बजे अलीगढ़ के बहलौतपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने चोरी की एक बाइक भी बरामद की है। अरुण ने पुलिस को बताया कि उसने रेशमपाल के चार माह के बेटे अमन की हत्या कर शव जवा थाना क्षेत्र के गांव कल्लुपुरा में ज्चार के खेत में छुपाया है।
जुएं में हारने के बाद की वारदात
छतारी थाना प्रभारी श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि आरोपी अरुण चंद्र जुए में पत्नी के जेवर और बाइक हार चुका था। गिरवी रखे सामान को छुड़ाने के लिए उसने अपने दोस्त रेशमपाल के बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगी थी।
वाहन चोरी में जेल जा चुका है आरोपी
जुए के कारण अरुण वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देता रहा है और गिरोह में शामिल था। वाहन चोरी के आरोप में अरुण चंद्र गाजियाबाद में पकड़ा गया था और जेल जा चुका है।