हंगामा करते किसानों को शांत करती पुलिस।
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अरनिया क्षेत्र में मंगलवार को किसानों ने फिर से निर्माणाधीन प्रोजेक्ट टिहरी हाइड्रो डेवलेप कारपोरेशन (टीएचडीसी) के लिए अधिग्रहित जमीन को जोतने का प्रयास किया। प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने पुलिस बुला ली।
इस दौरान किसानों ने टीएचडीसी कार्यालय पर भी हंगामा किया। किसान सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। एसडीएम ने 29 अगस्त को होने वाले कोर्ट के फैसले का इंतजार करने को कहा और किसी तरह किसानों को शांत किया।
गौरतलब हो कि अरनिया ब्लॉक क्षेत्र के गांव दशहरा, दशहरी, रुकनपुर, जहानपुर, ऊंचागांव के किसानों की जमीन टीएचडीसी प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित हुई थी। इस जमीन के लिए 270 करोड़ का मुआवजा प्रस्तावित था।
अब तक 240 करोड़ का मुआवजा वितरण हो चुका है, लेकिन किसान मुआवजे को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उधर, हाईकोर्ट से सख्ती करते हुए 30 करोड़ के मुआवजे पर रोक लगा दी।
इससे नाराज किसानों ने सोमवार को ऊंचागांव स्थित अधिग्रहित जमीन पर ट्रैक्टर चलाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को भी काफी संख्या में किसान अधिग्रहित भूमि को जोतने पहुंच गए। सूचना पर पहुंचे टीएचडीसी के अधिकारियों ने पुलिस फोर्स बुला ली। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने किसानों को समझाकर शांत किया। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार करने को कहा है।