कचहरी में शूटआउट की साजिश कई महीने पहले बन चुकी थी। इसका पता पुलिस को मंगलवार को तब चला जब उन्होंने बालेक्श्वर हत्याकांड के आरोपियों की सुपारी देने वाले दीप्पन के घर पर दबिश दी। मकान खाली पड़ा था।
पूछताछ में पता चला कि दीप्पन ही नहीं बालेश्वर के तीनों बेटों ने महीने भर पहले ही अपने परिवार कहीं ‘शिफ्ट’ कर दिए हैं। साथ ही घर का सारा सामान भी ले गए हैं। दूसरी ओर पुलिस ने फरार शूटरों को पकड़ने के लिए मेरठ, गाजियाबाद और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि 9 अक्टूबर को बालेश्वर की हत्या होने के बाद उसके तीन बेटों दीप्पन, विपिन और विनोद ने बदला लेने की ठान ली थी। दीप्पन ने सुरेंद्र सुलैला को सुपारी दी थी। इसकी सूचना पर पुलिस ने नितेश और शिवम को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
उनके चार साथी भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने जब दीप्पन को पकड़ने के लिए सिकंदराबाद और गांव जौली के घर पर दबिश दी तो वहां कोई नहीं मिला। जांच में पता चला कि करीब एक माह से ही दीप्पन ने पत्नी और बच्चों को किसी अन्य जगह छिपाकर रख दिया है।