पावर कारपोरेशन में सब रामभरोसे चल रहा है। विभाग में 84 लाख रुपये गबन के मामले में जांच रिपोर्ट 14 दिन में सौंपने के निर्देश दिए गए थे लेकिन एक माह बाद भी अफसरों ने जांच पूरी नहीं की है। डिबाई खंड में कैशियर ने 84 लाख रुपये का गबन किया था। मामला सामने आने पर कारपोरेशन अफसरों में हड़कंप मच गया था।
आनन-फानन में एफआईआर दर्ज कराकर आरोपी कैशियर को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन सिकंदराबाद के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर 14 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लेकिन सिस्टम की नाकामी के चलते 35 दिन बाद भी जांच पूरी नही हुई है।
सबसे बड़ी बात है कि विभागीय रकम का भी कुछ पता नहीं है। आरोपी कैशियर भी आराम से ड्यूटी कर रहा है। जांच अधिकारी को रिमांइडर भेजा जा रहा है कि जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपे। विभागीय राशि का गबन नहीं होने दिया जाएगा। आरोपी कैशियर ऑफिस आ रहा है कि नही, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
संस्पेंड होने के बाद काई भी कर्मचारी आफिस आ सकता है, लेकिन उससे विभागीय काम नहीं लिया जाता है। - एके सिंह, अधीक्षण अभियंता