सामूहिक दुष्कर्म के बाद की थी किशोरी की हत्या
बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र के धमैड़ा-इमलिया रोड पर बीते 28 जनवरी को मिले किशोरी के शव की शिनाख्त हो गई है। सामूहिक दुष्कर्म के बाद गला दबाकर किशोरी की हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए किशोरी का सिर ईंट से कुचल दिया था। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर तीन आरोपियों को दबोचा है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। आरोपी किशोरी को दिल्ली से बुलंदशहर लेकर आए थे। किशोरी एक आरोपी की बेटी सहेली थी।
बीते 28 जनवरी की सुबह नगर कोतवाली क्षेत्र के धमैड़ा-इमलिया रोड पर एक किशोरी का क्षत-विक्षत शव पुलिस को मिला था। मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की जेब से एक पर्ची बरामद हुई थी। एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मृतका की जेब से उक्त नंबर की छानबीन की तो वह दिल्ली निवासी एक किशोर का था। पुलिस ने उससे पूछताछ की और मृतका का फोटो दिखाया। उक्त युवक ने बताया कि 26 जनवरी की देर रात को उसने किशोरी को अमर कालोनी के कम्युनिटी हॉल में आयोजित एक शादी समारोह के बाहर देखा था। उससे दोस्ती करने के लिए उसने अपना नंबर उसे दिया था। इसके बाद किशोरी घोड़ी वाले के साथ चली गई। पुलिस ने जब घोड़ी वाले से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने किशोरी को खाना खिलाया था, इसके बाद किशोरी ने एक टैंपो वाले के फोन से संजू नाम के किसी व्यक्ति को फोन किया था। पुलिस ने टैंपो वाले को ढूंढने के बाद संजू के मोबाइल नंबर की जांच की। इसके आधार पर कमल पुत्र राजेंद्र निवासी देवली थाना नेवसराय नई दिल्ली, कृष्ण कुमार पुत्र अमर सिंह निवासी मुड़ीबकापुर थाना औरंगाबादा बुलंदशहर, श्यामवीर सिंह पुत्र खचेड़ू निवासी नवीनगर जहांगीराबाद व प्रशांत पुत्र दिलावर निवासी नवीनगर थाना जहांगीराबाद के नाम प्रकाश में आए। शुक्रवार सुबह पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी श्यामवीर, कृष्ण कुमार व कमल सिंह को वलीपुरा नहर के पास से दबोच लिया। जबकि आरोपी संजू और प्रशांत अभी पुलिस के चंगुल से दूर हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
यह हुआ था
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि किशोरी एक आरोपी की पुत्री के साथ दिल्ली के ही एक स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी। करीब तीन माह पूर्व वह घर से चली गई थी, लेकिन फिर से वापस लौट आई थी। मामले में एक युवक जेल भी गया था। करीब दो माह पूर्व किशोरी फिर से लापता हो गई थी। लेकिन, इस बार उसके परिजनों ने रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई थी। जिसे संजू नाम के आरोपी ने अपने साथ गुपचुप तरीके से रखा हुआ था। बीते 26 जनवरी को किशोरी संजू के चंगुल से छूटकर भाग निकली थी। इस दौरान अमर कालोनी में उसकी मुलाकात घोड़ी वाले से हुई और फिर किशोरी ने संजू को टैंपो वाले के मोबाइल से फोन कर बुलाया था। आरोपियों ने बताया कि इसके बाद संजू, कमल, प्रशांत व कृष्ण कुमार 27 जनवरी की रात को किशोरी को अपने साथ नवीनगर निवासी श्यामवीर उर्फ श्यामू के ट्यूबवेल पर ले गए थे। यहां आरोपियों ने उसे शराब पिलाई और फिर सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी ।