पावर कारपोरेशन के ककोड़ क्षेत्र में हुए फर्जीवाड़े से संबंधित पत्रावलियां गायब हो गई हैं। फर्जीवाड़े में निलंबित बाबू पर ही पत्रावलियां गायब करने के आरोप हैं। एक माह बीतने और दो बार पत्र जारी होने के बाद भी बाबू ने चार्ज नहीं सौंपा गया।
पीडी (स्थाई विच्छेदन) के नाम पर करीब 75 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा ककोड़ क्षेत्र में सामने आया था। मामला खुलते ही आरोपी बाबू पंकज कुमार को निलंबित कर थाने में तहरीर दी गई, हालांकि अभी तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। फर्जीवाड़ा खुलने पर बाबू के निलंबन करने के बाद विभाग से कई अहम पत्रावलियां गायब बताई जा रही हैं।
एसडीओ ककोड़ द्वारा बाबू को दो बार चार्ज सौंपने के लिए पत्र लिखा गया, लेकिन एक माह बीतने के बावजूद बाबू द्वारा चार्ज नहीं छोड़ा गया। अब एसडीओ द्वारा इस बाबत एसई को पत्र लिखा गया है।
ककोड़ फर्जीवाड़े में करीब 559 उपभोक्ता फंसे हुए हैं। कारपोरेशन इन सभी को सेक्शन तीन के तहत नोटिस जारी कर चुका है। इनके खिलाफ आरसी जारी कर एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का दावा है कि नोटिस जारी होने के बाद उपभोक्ताओं के हंगामा के कारण इन्हें फर्जी परचे बांटे रहे हैं जिसमें घपला एक मृतक एसडीओ के कार्यकाल में दिखाया गया है।
मामला संज्ञान में आ चुका है। आरोपी बाबू को जल्द से जल्द चार्ज सौंपने करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यदि तय सीमा में चार्ज नहीं दिया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो पत्रावलियां नहीं मिल रही हैं, उनकी भी जांच कराई जा
रही है।
-राजेश सिंह, अधीक्षण अभियंता