पुलिस चौकी के पास बिजलीघर में घुसे नकाबपोश बदमाशों ने दो विद्युत कर्मियों को बंधक बनाकर 7.7 लाख रुपये लूट लिए। एक कर्मचारी को तमंचे के बट से पीटकर घायल कर दिया।
किसी तरह बंधन मुक्त होकर दोनों कर्मचारियों ने चौकी पहुंचकर सूचना दी। पुलिस ने कांबिंग की, लेकिन लुटेरे पकड़ में नहीं आए। शक होने पर एक पीड़ित विद्युतकर्मी को हिरासत में लिया गया है।
रविवार को कॉलेज बस स्टैंड के पास बिजलीघर पर संविदा एसएसओ ओमप्रकाश सक्सेना और बलवंत ड्यूटी पर थे। रात करीब 10 बजे नकाबपोश तीन बदमाश बिजलीघर में घुसे और तमंचे से आतंकित कर आलमारी की चाभी मांगी।
बदमाशों ने तमंचे की बट से ओमप्रकाश सक्सेना के सिर पर वार किया। दोनों के हाथ-पैर बांधकर अलग-अलग कमरों में डालकर कुंडी लगा दी। आलमारी के ताले तोड़ कर उसमें रखे सात लाख 7 हजार 212 रुपये निकाल लिए।
बदमाशों के जाने के बाद बलवंत ने खुद को बंधनमुक्त कर ओमप्रकाश को भी कमरे से बाहर निकाला। दोनों लोग चौकी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। जेई राजीव कौशिक की तहरीर पर तीन बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
संविदा एसएसओ बलवंत पर शक
चौकी पुलिस के शक की सुई संविदा एसएसओ बलवंत पर टिकी हुई है। बदमाशों ने बलवंत से मारपीट भी नहीं की। आखिर सबसे पहले बलवंत बंधन मुक्त कैसे हो गया।
इन सभी सवालों के चलते पुलिस का शक बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने बलवंत को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए जेवर कोतवाली पुलिस के हवाले किया है। चौकी इंचार्ज प्रदीप सेहरावत ने बताया कि जल्द ही लूट का खुलासा किया जाएगा।
तमंचे के बल पर फाइनेंसर से नगदी-बाइक लूटी
ऑफिस से लौट रहे फाइनेंसर से तमंचे के बल पर बाइस सवार चार बदमाशों ने बाइक, कैश और मोबाइल लूट लिया। सबसे बड़ी बात यह है कि पीड़ित जब थाने पहुंचकर लूट की तहरीर दी तो दो तो पुलिस ने धमकाकर तहरीर बदलकर देने की नसीहत दे डाली।
पीड़ित ने एसएसपी को तहरीर दी है। आवास विकास द्वितीय निवासी चौधरी वीरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि वह फाइनेंसर का काम करते हैं। उनका ऑफिस रबूपुरा में है।
रविवार रात करीब 8 बजे वह रबूपुरा से बाइक से लौट रहे थे। जैसे ही वह नवादा गांव के पास पहुंचे। ओवरटेक कर बाइक सवार चार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।
इसके बाद एक लुटेरे ने उनकी कनपटी पर तमंचा सटा दिया। दूसरे ने फाइनेंसर की जेब से 2100 रुपये की नगदी और मोबाइल निकाल लिया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर बाइक भी लूटकर भाग गए।
पीड़ित का आरोप है कि जब वह पुलिस के पास पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी तहरीर नहीं ली। साथ ही कहा कि वह तहरीर बदलकर लाए तब एफआईआर दर्ज होगी। देहात कोतवाल केपीएस चाहल ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।