शौचालय निर्माण में 7.20 लाख का घपला
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सिकंदराबाद के लोहिया गांव चंद्रावली में ब्लॉक अफसर और कर्मचारियों द्वारा शौचालय निर्माण की आड़ में 7.20 लाख रुपये के घपले का मामला सामने आया है। सीनियर ऑडिटर पंचायत की जांच में धांधली का खुलासा हुआ है। ऑडिटर ने शासन से बीडीओ सिकंदराबाद समेत पांच अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
सिकंदराबाद के चंद्रावली गांव को वित्त वर्ष 2013-14 में डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना में शामिल किया गया था। ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राम पंचायत सचिव ने 400 लाभार्थियों के खाते में 1800-1800 रुपये कम डाले। यानि 400 लाभार्थियों को 7.20 लाख रुपये कम दिए गए।
यह धनराशि शिव शक्ति ट्रेडर्स/बिल्डिंग मैटेरियल यमुनापुरम के खाते भेजी गई। बाद में इस धनराशि का बंदरबांट हुआ। शौचालय निर्माण में भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में लाभार्थियों के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं।
प्लानिंग से किया घपला
शौचालय निर्माण की आड़ में प्लानिंग के साथ घपला किया गया। लाभार्थियों के पुराने खाते में धनराशि नहीं भेजी गई। इसके लिए कारपोरेशन बैंक सिकंदराबाद में खाता खुलवाया गया।
दर्ज होगी रिपोर्ट
सीनियर आडिटर अनिल कुमार यादव ने बताया कि तत्कालीन ग्राम सचिव श्रीपाल, खंड विकास अधिकारी एसएस यादव, एकाउंटेंट देशराज, मनरेगा तकनीकी सहायक मुकेश और मनरेगा कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
साक्ष्य के आधार पर रिपोर्ट बनाई गई। आरोप पूरी तरह सही हैं। अफसरों ने सरकारी धन की बंदरबाट की है। - अनिल कुमार यादव, सीनियर आडिटर, सहकारी समिति और पंचायत