ग्रामीणों ने स्कूल में भरे गोवंश, डेढ़ घंटे देर से खुला ताला
बुलंदशहर। गांव धमेड़ा कीरत स्थित परिषदीय स्कूल में बुधवार रात ग्रामीणों ने गोवंश भरकर ताला लगा दिया। इसके चलते बृहस्पतिवार सुबह स्कूल डेढ़ घंटे देर से खुला। इसकी सूचना मिलते ही अफसर मौके पर पहुंच गए। प्रधानाध्यापिका ने ग्रामीणों पर स्कूल का ताला तोड़कर गोवंश भरने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी है।
गांव धमेड़ा कीरत स्थित परिषदीय स्कूल में प्रधानाध्यापिका और शिक्षक समेत छात्र-छात्राएं बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे स्कूल पहुंचे। जब उन्होंने स्कूल परिसर में गोंवश और मुख्य द्वार पर दूसरा ताला लटका देखा तो वह हैरान रह गए। इसकी सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद ताला तोड़कर गोवंशों को बाहर निकाल कक्षाओं का संचालन 11.30 बजे से शुरू हुआ। प्रधानाध्यापिका दया कुमारी ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने बुधवार रात स्कूल का ताला तोड़कर गोवंश भर दिया। साथ ही स्कूल के गेट पर दूसरा ताला लटका दिया। उन्होंने क्षेत्र के एबीएसए के आदेश पर स्कूल में गोवंश भरने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। गोवंश को बाहर निकालकर स्कूल का संचालन कराया गया।
गोवंश से निजात दिलाने में जिला प्रशासन फेल
बुलंदशहर। जिले में छुट्टा घूम रहे गोवंश को जिला प्रशासन निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल पहुंचाने में फेल साबित हो रहा है। उन्हें लगातार स्कूल आदि जगह बांधा जा रहा है। अफसरों का दावा है कि इनसे जल्द ही निजात दिला दी जाएगी। गोवंश को आश्रय स्थल पहुंचाने का काम जारी है।
शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने जिले की 154 न्याय पंचायतों पर 162 और 17 निकायों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल बनाने के लिए जमीन चिन्हित कर ली है। साथ ही अधिकतर स्थानों पर आश्रय स्थल बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि कहीं पर अभी काम भी शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते लगातार जिले में पिछले दिनों से लगातार ग्रामीण गोवंश को स्कूल आदि जगह भर और बांध रहे हैं। ऐसे कई मामले विगत दिनों में सामने आ चुके हैं। अब धमेड़ा कीरत स्थित परिषदीय स्कूल में ग्रामीणों ने गोवंश भर दिए। अब भी गोवंश को शहर और ग्रामीण क्षेत्र में छुट्टा घूमते आम देखा जा सकता है। इससे किसान काफी परेशान हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी नारायण का कहना है कि जिले में छुट्टा घूम रहे गोवंश और अन्य मवेशियों से जल्द निजात मिल जाएगी। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण कार्य जारी है। अब तक 4500 से अधिक गोंवश और अन्य मवेशियों को आश्रय स्थल पहुंचाया जा चुका है। ब्यूरो