अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश सुनील कुमार ने हत्या के आरोप में तीन भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों भाइयों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपये मृतक के परिजनों को देने का आदेश दिया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि सिकंदराबाद के मोहल्ला शेखवाड़ा निवासी ताहिर पुत्र सद्दीक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सात नवंबर 2013 को उसकी बबलू पुत्र गफ्फार और नदीम पुत्र मतीन से पैसे मांगने को लेकर कहासुनी हो गई थी।
अगले दिन आठ नवंबर को वह और उसका भाई असलम उर्फ कल्लू गांव सिरोधन से अपने घर लौट रहे थे। शेखवाड़ा तालाब के पास बबलू पुत्र गफ्फार, फईम, नदीम और वसीम पुत्रगण मतीन निवासीगण मोहल्ला शेखवाड़ा तमंचे के साथ पहुंचे और उनके उपर फायरिंग करनी शुरू कर दी। आरोपियों द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग से उसका भाई असलम गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फईम, नदीम और वसीम पुत्रगण मतीन को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपये मृतक के परिजनों को देने का आदेश दिया गया है। आरोपी बबली किशोर अपचारी घोषित होने के कारण उसकी पत्रावली पहले ही किशोर न्यायालय में स्थानांतरित कर दी गई है।