दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी दोषी करार, 14 वर्ष कारावास
बुलंदशहर। खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के एक गांव में मार्च 2016 में दिव्यांग किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी को शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 12 मनराज सिंह के न्यायालय ने दोषी माना है। न्यायाधीश ने आरोपी को 14 वर्ष सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पास्को एक्ट सुनील कुमार शर्मा, इमामुद्दीन व इरशाद अली ने बताया कि खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 5 मार्च 2016 को थाने पर तहरीर देकर अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री दिव्यांग है। 4 मार्च की देर रात करीब 11 बजे उनकी पुत्री टायलेट जाने के लिए घर के बाहर गई थी। जहां पहले से ही गांव निवासी आरोपी युवक हप्पू व उसके दो-तीन अज्ञात साथी मौजूद थे। आरोप है कि इस दौरान हप्पू व उसके साथ उनकी पुत्री को अगवा कर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। जहां आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। देर रात में ही आरोपी किशोरी को गांव के बाहर स्थित एक पीर के पास छोड़कर चले गए थे। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी युवक हप्पू के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। अब न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों व अधिवक्ताओं के बीच बहस को सुनने के बाद आरोपी को दोषी माना है। साथ ही उसे 14 वर्ष सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड सुनाया गया। साथ ही आदेशित किया गया है कि उक्त अर्थदंड की धनराशि का आधा हिस्सा पीड़ित को दिया जाए।