बेटी की स्टॉफ नर्स के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर जिला अस्पताल के फार्मेसी प्रभारी से 2.20 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी एक निजी कंपनी के जरिए जिला अस्पताल में ही ऑपरेटर का काम करता था। आरोपी ने खुद को परियोजना अधिकारी का रिश्तेदार बताया था। पिछले चार माह से आरोपी लापता है।
पीड़ित डॉक्टर ने एसपी सिटी को तहरीर देकर अपने रुपये दिलाने की मांग की है। जिला अस्पताल के प्रभारी फार्मेसी अधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि वह डीएम रोड पर परिवार सहित रहते हैं। बेटी संगीता ग्रेजुएट है और उसने जीएनएम का कोर्स कर रखा है।
करीब छह माह पहले उनकी मुलाकात जिला अस्पताल में बायोडाटा कंप्यूटर स्टोर में ऑपरेटर का काम करने वाले एक व्यक्ति से हुई। उसने खुद को लखनऊ में बैठे परियोजना अधिकारी का रिश्तेदार बताया। उसने कहा कि वह अपने रिश्तेदार की मदद से आसानी से नौकरी लगवा सकता है।
देवेंद्र कुमार ने उस पर विश्वास करके अपनी बेटी संगीता की स्टाफ नर्स के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही। ऑपरेटर ने नौकरी लगवाने की एवज में तीन लाख रुपये की मांग की। 28 अप्रैल 2016 को जिला अस्पताल में ही उसे दो लाख रुपये दे दिए।
इसके एक सप्ताह बाद 20 हजार रुपये और दे दिए। रुपये लेने के कुछ दिन बाद से ऑपरेटर लापता हो गया। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। एसपी सिटी राम मोहन सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।