लापरवाही पर बंदी रक्षक को किया निलंबित
बुलंदशहर। जिला कारागार की बैरक में बीते दिनों बंदी के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है। जांच में लापरवाही सामने आने पर जेल अधीक्षक ने जेल वार्डर को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की अग्रिम जांच अभी जारी है।
बता दें कि जिला कारागार में बीते 24 अक्तूबर 2018 से पहासू थाना क्षेत्र का एक 45 वर्षीय व्यक्ति पुत्र वधू से दुष्कर्म के आरोप में बंद था। मामला न्यायालय में विचारधीन है। गत 25 मई की सुबह करीब 11 बजे उक्त विचाराधीन बंदी ने जेल की बैरक के बीच में बने लोहे के पिलर से गमछे से फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी। जिला कारागार में विचाराधीन बंदी के आत्महत्या करने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। जिसकी जांच के लिए जेल में एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी व एसडीएम भी पहुंच गए थे। कई घंटो की पड़ताल के बाद पुलिस ने बंदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और जेल प्रशासन ने इस प्रकरण की जांच वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार आगरा शैलेंद्र मेत्रेय व दंडन अधिकारी मेरठ मंडल को सौंप दी थी। दोनों अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट जेल अधीक्षक जिला कारागार बुलंदशहर ओपी कटियार को सौंप दी। बुधवार को जेल अधीक्षक ओपी कटियार ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जेल वार्डर लोकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। रिपार्ट में जेल वार्डर की लापरवाही उजागर हुई है। अभी मामले में शेष जांच जारी है, दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।