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फर्जी फोटो लगाकर आवास के नाम पर निकाले लाखों

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सोनभद्र। जिले के नगरीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास बनाने के नाम सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है। घोरावल की एक लाभार्थी और आवास निर्माण के सत्यापन रिपोर्ट देने वाले कर्मी ने दूसरे के आवास की फोटो अपलोड कर दो लाख रुपये निकाल लिया। इसका खुलासा डूडा के पीओ के जांच करने पर हुआ। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने पीओ को लाभार्थी और कर्मी के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
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गौरतलब हो कि केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भी निवास करने वाले सभी गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना शुरू की है। प्रत्येक लाभार्थी को आवास बनवाने के लिए ढाई लाख रुपये दिया जाता है। इस धनराशि को तीन किश्तों में लाभार्थी के खाते में भेजा जाना है। पहली किश्त के रूप में 50 हजार, दूसरी किश्त डेढ़ लाख और तीसरी किश्त 50 हजार दिया जाता है। वर्ष 20018-19 में पीएम आवास योजना से जिले की इकलौती नगर पालिका राबट्सगंज, नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा, घोरावल, चोपन, रेनुकूट, पिपरी और दुद्धी में 3111 लाभार्थियों को चयनित किया गया है। दो हजार से अधिक लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए किश्त भी भेजा चुका है। लेकिन कई लाभार्थी दूसरे के आवास के निर्माण कार्य कराए जाने से संबंधित फोटो अपलोड कर रुपये निकाल लिए हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी वीके निगम ने बताया कि शासन से नामित कंपनी का एक कर्मचारी और घोरावल की रहने वाली एक लाभार्थी ने साजिश के तहत आवास बनवाने के नाम पर पहली और दूसरी किश्त निकाल कर धन का बंदरबाट कर लिया है। इसका खुलासा होने पर लाभार्थी को धनराशि वापस करने के लिए नोटिस भेजा गया तो उसने रिसिव नहीं किया। कहा कि लाभार्थी अन्नू और कंपनी के कर्मचारी अंकित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए घोरावल कोतवाली में तहरीर देने की कार्यवाही की जा रही है।
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