राशिद हत्याकांड : पिता-पुत्री समेत चार आरोपी दोषी, आजीवन कारावास
बुलंदशहर। सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में हुई युवक की हत्या मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम राजीव कुमार तृतीय के न्यायालय ने मृतक की प्रेमिका, उसके पिता, भाई व एक अन्य आरोपी को दोषी माना है। चारों आरोपियों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूनम यादव व वादी पक्ष के अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह व हरेंद्र सिंह ने बताया कि मई 2016 में वादी मोहम्मद उमर पुत्र इब्राहिम अहमद निवासी मोहल्ला आजाद नगर, सिकंदराबाद ने थाने में तहरीर देकर अपने बेटे की हत्या का मामला दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया था कि उसके पुत्र राशिद का मोहल्ला निवासी नजराना पुत्री सिराज से तीन वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 17 मई 2016 की देर रात करीब दस बजेे आरोपी प्रेमिका नजराना ने राशिद को अपने घर पर बुलाया था। राशिद को नजराना के घर जाते हुए वादी ने खुद भी देखा था। काफी देर तक उसके न लौटने पर परिजनों ने सिराज के घर जाकर पूछताछ की। लेकिन, उन्होंने राशिद के बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। इसके बाद वादी अपने घर लौट आया। 18 मई 2016 की सुबह नजराना के घर के बाहर भीड़ एकत्रित थी। वादी ने जब जाकर देखा तो आरोपी प्रेमिका नजराना, उसका पिता सिराज, भाई निसार व एक अन्य मुज्जमिल पुत्र अलीजान निवासी ऊपरकोट ने राशिद की हत्या कर दी थी और शव ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे थे। मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी थी। चारों आरोपियों को अब न्यायाधीश ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।