जितेंद्र हत्याकांड: हत्यारोपी विकास दोषी करार, आजीवन कारावास
बुलंदशहर। खानपुर थाना क्षेत्र निवासी युवक की वर्ष 2007 में नौकरी दिलाने के बहाने ले जाकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश नवम सुधीर कुमार ने एक हत्यारोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड सुनाया है। जबकि, दो आरोपी संदेह का लाभ मिलने के कारण बरी हो गए हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विमल कुमार ने बताया कि वादी कैलाश चंद पुत्र छिद्दालाल निवासी मानपुर थाना खानपुर ने थाने में 26 जुलाई 2007 को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें वादी ने बताया था कि उसका धेवता जितेंद्र उर्फ जीतू उसी के साथ रहता था। जितेंद्र 28 फरवरी 2006 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। जिस दिन वह लापता हुआ था उस दिन उसे विकास उर्फ दिनेश पुत्र निरंजन प्रसाद शर्मा नौकरी दिलवाने के बहाने अपने साथ ले गया था। पुलिस की विवेचना के दौरान सामने आया था कि विकास ने जितेंद्र की खैरपुर के जंगल में गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस दौरान दो अन्य आरोपियों पवन व भीष्म का नाम भी प्रकाश में आया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी थी। वहीं, अब न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच बहस व गवाहों को सुनने के बाद आरोपी विकास उर्फ दिनेश को दोषी माना है। उसे आजीवन कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है। वहीं, आरोपी पवन व भीष्म को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है।