विवाहिता की हत्या की कोशिश मामले में पति-सास दोषी करार
बुलंदशहर। अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने व पति के लिए शराब का पेग न बनाने पर विवाहिता की हत्या की कोशिश करने वाले उसके पति व सास को न्यायालय ने दोषी माना है। अपर सत्र न्यायाधीश व एफटीसी तृतीय काशीनाथ के न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास समेत अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वीरपाल सिंह ने बताया कि वादी प्रेम सिंह ने 9 मार्च 2016 को थानाध्यक्ष महिला थाना को तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री मेनका की शादी वीरेंद्र उर्फ बॉबी पुत्र पूरन सिंह निवासी गांव दस्तूरा के साथ करीब आठ वर्ष पूर्व की थी। शादी में काफी दान दहेज भी दिया था, लेकिन आरोपी ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर पुत्री का उत्पीड़न कर उसके साथ मारपीट की जा रही थी। आरोप है कि 8 मार्च 2016 की देर शाम को आरोपी वीरेंद्र ने मेनका से शराब के पेग बनाने के लिए कहा था। लेकिन, मेनका के इंकार करने पर आरोपी पति भड़क गया और उसके साथ मारपीट करनी शुरू करी दी। साथ ही पीड़िता की साड़ी से उसके गले में फंदा डालकर हत्या की कोशिश की। पूरी घटना में उसकी सास सुमरती देवी ने भी अपने पुत्र का ही साथ दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी सास व पति के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें एक-एक वर्ष कारावास व 7700-7700 रुपये अर्थदंड सुनाया है।