फर्जी गन्ना बांड का खुलासा होने पर अफसर-कर्मचारियों में खलबली
- बांड बनाने में शामिल अफसर-कर्मचारी बचाव के लिए लगाने लगे जुगाड़
- गन्ना उपायुक्त का दावा फर्जी बांड बनाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। साबितगढ़ चीनी मिल में गन्ने के फर्जी बांड का खुलासा होने से विभागीय अफसर और कर्मचारियों में खलबली है। इस खेल में शामिल अफसर-कर्मचारियों ने अब अपने बचाव के लिए जुगत लगानी शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी ओर गन्ना उपायुक्त ने दावा किया है कि मामले की जांच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा जिले में एक भी फर्जी बांड नहीं बनने दिया जाएगा।
बता दें कि दो दिन पहले गन्ना उपायुक्त हरपाल सिंह जिले में गन्ना रकबे के सर्वे का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने शिकायत मिलने पर साबितगढ़ मिल में फर्जी गन्ना बांड का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए थे। जांच में अब तक 150 फर्जी गन्ना बांड का खुलासा हो चुका है। इसका खुलासा होते ही गन्ना उपायुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित किसान, गन्ना माफिया आदि के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने का निर्णय लिया। साथ ही इस खेल में शामिल अफसर-कर्मचारियों से जवाब मांगा गया। हालांकि ऐसा नहीं है कि फर्जी बांड का यह पहला मामला है। गन्ना उपायुक्त ऐसे बांड पर खरीदे गए गन्ने का भुगतान रोकने के साथ उनके खिलाफ नोटिस जारी करने और एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज करवाने के आदेश जारी कर चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर इसमें शामिल अफसर और कर्मचारी बचाव के लिए जुगाड़ लगाने में जुट गए हैं। सबसे अधिक खलबली सहकारी गन्ना समिति के अफसर ओर कर्मचारियों में है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी का मोबाइल नंबर अभी भी फारवर्ड कॉल पर लगा हुआ है और वह अभी तक इस मामले में अपनी ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाए हैं।
जिले में एक भी फर्जी गन्ना बांड नहीं बनने दिया जाएगा। इसमें शामिल अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही बांड बनवाने वालों का गन्ना भुगतान रोकने और नोटिस जारी करने के साथ एसडीएम कोट में मामला दर्ज करवाने के भी आदेश जारी कर दिए हैं। - हरपाल सिंह, गन्ना उपायुक्त, मेरठ मंडल
शनिवार को मिल में कार्यक्रम का आयोजन होने के कारण फर्जी गन्ना बांड की जांच नहीं हो सकी। जांच में एक-एक फर्जी गन्ना बांड का पता कर उसकी रिपोर्ट गन्ना उपायुक्त को भेजी जाएगी। - नरेश पाल, जीएम, साबितगढ़ चीनी मिल