सविता हत्याकांड: दहेज लोभी आरोपी पति को आजीवन कारावास
- स्याना थाना क्षेत्र निवासी महिला सविता की अक्टृूबर 2011 में जलाकर की गई थी हत्या - अपर सत्र न्यायधीश ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा के साथ लगाया अर्थदंड
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। स्याना थाना क्षेत्र निवासी विवाहिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सुनील कुमार सिंह ने आरोपी पति को दोषी माना है। दहेज लोभी पति को न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि मेरठ के थाना मुडाली क्षेत्र के गांव मऊखास निवासी वादी टीटू पुत्र चुन्नू सिंह ने 22 अक्टूबर 2011 को स्याना थाने में अपनी बहन की अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें वादी ने बताया था कि उसने अपनी बहन सविता की शादी करीब छह वर्ष पूर्व स्याना थाना क्षेत्र के गांव महाव निवासी हरफूल पुत्र साईराम के साथ की थी। शादी के बाद से ही आरोपी पति हरफूल व उसके दो भाई शादी में मिले दान दहेज से खुश नहीं थे। वे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर वादी की बहन का उत्पीड़न किया जाता तथा उसे कई कई दिनों तक भूखा रखा जाता था। 21 अक्टूबर 2011 को उसकी बहन अपनी ससुराल में अकेली मौजूद थी। इस दौरान आरोपी पति हरफूल अपने दो भाइयों के साथ घर आया और सविता के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल कर माचिस से आग लगा दी। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले थे। पड़ोसियों ने सविता की आग बुझाकर उसे सीएचसी पहुंचाया था, जहां से चिकित्सकों ने उसे हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया था। उपचार के दौरान सविता की मौत हो गई थी। विवेचक ने जांच के बाद आरोपी पति हरफूल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व गवाहों के बयान सुनने के बाद हरफूल को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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