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दसवीं की छात्रा से गैंगरेप, पुलिस ने केवल अपहरण में दर्ज की रिपोर्ट

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दसवीं की छात्रा से गैंगरेप, पुलिस ने अपहरण में दर्ज की रिपोर्ट
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औरंगाबाद। एक ओर यूपी पुलिस महिला सुरक्षा का ढिंढोरा पीट रही है। वहीं दूसरी ओर औरंगाबाद थाना पुलिस ने गैंगरेप जैसी संगीन वारदात में भी बड़ा खेल कर दिया है। दसवीं की छात्रा को अगवा कर दो युवकों ने नशीली मिठाई खिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया और पुलिस ने मामले में अपहरण की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को अभयदान दे दिया। पुुलिस का कहना है कि जब तक कोर्ट में दर्ज हुए बयानों की कापी नहीं मिल जाती तब तक सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं नहीं बढ़ाई जा सकती हैं।
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बता दें कि औरंगाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 15 वर्षीय दसवीं की दलित छात्रा गत चार मार्च की दोपहर करीब एक बजे खेत पर शौच के लिए गई थी। वहां से लौटते समय गांव के ही दो युवकों ने उसे रास्ते से अगवा कर उसे एक गन्ने के खेत में ले गए। आरोप है कि वहां दोनों युवकों ने बहला फुसलाकर छात्रा को नशीली मिठाई खिला दी। इसके बाद दोनों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। देर शाम छात्रा के घर न पहुंचने पर परिजनों ने तलाश करने के बाद थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पांच मार्च को सुबह करीब 11 बजे पीड़िता बदहवास अवस्था में घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन पीड़िता को लेकर तत्काल थाने पर पहुंचे और दोनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की तहरीर दी। पुलिस ने धाराओं में खेल करते हुए गैंगरेप जैसे संगीन मामले को मात्र अगवा और पोक्सो एक्ट की धाराओं में दर्ज कर इतिश्री कर ली। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। शुक्रवार को फिर उसके कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए गए। परिजनों का आरोप है कि पीड़िता पांच से नौ मार्च तक पुलिस कस्टडी में रही। बयान होने के बाद ही पुलिस ने पीड़िता को परिजनों के हवाले किया है। आईओ श्यामपाल सिंह ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई है। कोर्ट में दर्ज हुए बयानों की कापी आने पर ही धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
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