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मजदूरों को बंधक बनाए जाने पर आयोग ने दर्ज कराई रिपोर्ट

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मजदूरों को बंधक बनाए जाने पर आयोग ने दर्ज कराई रिपोर्ट
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- भट्टा मालिक सहित चार नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर
- पुलिस मामले की जांच में जुटी, आरोपी अभी तक फरार
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। देहात कोतवाली पुलिस ने मानवाधिकार आयोग के निर्देश ईंट भट्टा मालिक सहित चार नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
बता दें कि पीड़ित श्याम लाल पुत्र कुंदन लाल निवासी गांव मारौरा थाना मारौरा जनपद कासगंज ने गत दिनों मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि सिकंदराबाद रोड पर एक एसके ईंट भट्टा है। वहां 13 दलित परिवारों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। पीड़ित ने बताया था कि गत वर्ष अक्टूबर माह में ईंट भट्टा मालिक व उसके साथी उनके गांव में पथाई मजदूरों की तलाश में आए थे। उस दौरान आरोपियों ने उन्हें 550 रुपये प्रति हजार ईंट पथाई के रूप में देने की बात कही थी। साथ ही 14 वर्ष तक के मजदूरों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा व मजदूरों को मिलने वाला फंड बोनस आदि भी दिया जाएगा। इसके बाद मजदूर उनके साथ अपने गांव से भट्टे पर पहुंच गए। आरोप है कि 15 दिनों तक उनसे कोई काम नहीं कराया गया। इसके बाद करीब एक माह की मजदूरी होने पर भट्टा मालिक द्वारा उन्हें मजदूरी के 450 रुपये प्रति हजार ईंट पथाई दी गई। साथ ही उनके बच्चों को न तो शिक्षा ही दी गई और न ही कोई अन्य सुविधा दी गई।
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आरोप है कि भट्टा मालिक के निर्देश पर ठेकेदार अवैध असलहों पर मजदूरों को बंधक बनाए हुए थे। साथ ही आरोपी ठेकेदार व उनके साथी मजदूरों की झोपड़ियों में घुसकर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते थे। मामले की जानकारी होने पर आयोग ने 13 मजदूर परिवारों को बंधन मुक्त कराया और उनके घर भेज दिया। वहीं देहात कोतवाली पुलिस ने आयोग के निर्देश पर भट्टा मालिक सत्यप्रकाश यादव, ठेकेदार दुर्जन निवासीगण अलीगढ़ व ठेकदार पप्पू निवासी झेरू नगला, थाना सासनी, नोहबत सिंह सेठ निवासी गांव कठहैरा आलमपुर, अलीगढ़ को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। देहात कोतवाल तपेश्वर सागर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बंधकों को लेबर इंस्पेक्टर ने मुक्त कराया था। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।
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