बड़ी गहरी हैं ‘बड़ी खेप’ की जड़ें
- पूर्व में भी पकड़ी जा चुकी है लाखों की कीमत की दवा, हुई महज खानापूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिले में गत दिनों पकड़ी और बाद में छोड़ दी गई ‘बड़ी खेप’ के कारोबार की जड़ें बड़ी गहराई तक समाई हुई हैं। ऐसा नहीं है कि फैंसिड्रिल की खेप का भंडाफोड़ पहली बार हुआ हो। इससे पहले भी कई बार लाखों की कीमत की फैंसिड्रिल अफसरों ने पकड़ी थी। लेकिन हर बार केवल खानापूर्ति कर मामले की इतिश्री कर दी गई।
गत दिनों नगर क्षेत्र के वलीपुरा नहर के समीप एक ट्रांसपोर्ट में बड़ी मात्रा में रखी फैंसिड्रिल सीरप की खेप की जानकारी मिलने पर औषधि विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई की। हालांकि बाद में टीम सब कुछ ठीक है बताते हुए वापस लौट गई। जबकि सूत्रों के अनुसार मौके पर फैंसीड्रिल की बड़ी खेप मौजूद थी। यह कोई नया मामला नहीं है कि अफसरों ने ऐसे मामले में कार्रवाई से पल्ला झाड़ा हो। जिले में पहले भी फैंसीड्रिल की बड़ी खेप पकड़े जाने और बाद में उसे छोड़ दिए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ समय पूर्व नगर के भूड़ चौराहे पर वाणिज्य कर अफसरों ने एक ट्रक पकड़ा था, जिसमें भारी मात्रा में फैंसिड्रिल सीरप भरा हुआ था। वाणिज्य कर अफसरों ने कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूलकर ट्रक को ड्रग विभाग के अफसरों की बिना अनुमति के ही छोड़ दिया था।
फैंसिड्रिल में होती है निकोटिन व कोडीन
बांग्लादेश समेत कई देशों में फैंसिड्रिल को नशे के लिए प्रयोग किया जाता है। औषधि विशेषज्ञों के अनुसार फैंसिड्रिल सीरप में निकोटिन व कोडीन (अफीम) मिली होती है। निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन करने पर इससे नशा होता है, जिसके चलते नशे के आदी लोग इसे नशा करने में प्रयोग करते हैं।
कोट
दवाइयों की कालाबाजारी के संबंध में जानकारी की जा रही है। इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर से कुछ तथ्य मांगे गए हैं। जांच के बाद कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
- रामकेर यादव, एडीएम न्यायिक (प्रभारी खाद्य एवं औषधि विभाग)