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नवजात बेटी को भी न देख सका जरायम का बादशाह नितिन
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- करीब दस दिन पहले ही पत्नी ने मायके में दिया है बेटी को जन्म
- 98 हजार की लूट से की जुर्म की शुरुआत और बना 50 हजार का इनामी
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद।
चार साल पहले औरंगाबाद में 98 हजार की लूट से शुरू हुआ निनित के जुर्म का सफर ऐसी जगह जाकर खत्म हुआ कि वह दस दिन पहले जन्मी अपनी नवजात बेटी की शक्ल तक नहीं देख पाया। दो दिन पहले ही नितिन पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके तुरंत बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। बेटे की मौत के बाद मां सिर्फ इतना ही कह सकी कि गलत संगत के चलते उसका अंजाम इतना भयावह हुआ है।
औरंगाबाद-गढ़िया चौराहा मार्ग स्थित गांव पवसरा निवासी नितिन ठाकुर ने वर्ष 2013 में पहली बार औरंगाबाद के गांव भावसी निवासी सतीश पुत्र धर्मपाल से 98 हजार की नगदी लूटी थी। इसके अगले दिन ही एक पेट्रोल पंप के सेल्समैन से 10 हजार रूपये और मोबाइल लूटा था। एक सप्ताह के भीतर पुलिस से नितिन की मुठभेड़ हुई थी। जिसमें पुलिस ने इसे तमंचा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से छूटकर नितिन लगातार लूटपाट और हत्या के प्रयास की वारदातों को लगातार अंजाम देता रहा। 2015 में अगौता में एक युवक का अपहरण किया। इसके बाद वह बुलंदशहर के साथ हापुड़ में भी क्राइम करने लगा। एक माह में हापुड़ नगर और देहात कोतवाली में बेखौफ होकर उसने लूट की तीन वारदातों को अंजाम दिया। एक युवक की हत्या भी की। जुलाई 2017 में हापुड़ के पावर सब स्टेशन में दिनदहाड़े पांच लाख की डकैती डालने के बाद कैशियर को गोली मारकर नितिन फरार हो गया था। पुलिस ने मुठभेड़ मेें नितिन के एक साथी को एनकाउंटर में मार गिराया था जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद ही पता चला था कि नितिन ही गैंग का मास्टरमाइंड है। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
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दो दिन पहले हुआ था 50 हजार का इनाम घोषित
अगौता के गांव पवसरा निवासी कुख्यात बदमाश नितिन ठाकुर की थाने में दस दिन पहले तक हिस्ट्रीशीट भी नहीं खुली हुई थी। बड़ी से बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बाद वह थाने का टॉप बदमाश भी नहीं था। शायद पुलिस को नितिन के बारे में जानकारी नहीं थी। जिसका वह लगातार फायदा उठा रहा था। हापुड़ की लूट में नाम आने पर पांच अगस्त को मेरठ रेंज की डीआईजी ने एसएसपी बुलंदशहर मुनिराज जी को नितिन की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिये थे। जिसके बाद हरकत में आई अगौता पुलिस ने नितिन पर पचास हजार रूपये का इनाम घोषित कराने के लिये डीजीपी लखनऊ के पास फाइल भेजी थी। 14अगस्त को डीजीपी सुलखान सिंह ने नितिन पर पचास हजार के इनाम की संतुति की थी। इनाम घोषित होते ही पुलिस ने दो दिन के भीतर ठिकाने लगा दिया। करीब चार दिन पूर्व एसएसपी ने नितिन को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम का गठन भी किया था।
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मां बोली गलत संगत में था नितिन
गांव पवसरा में आबादी के बाहर नितिन का मकान है। मां गीता ने बताया कि वर्ष 2010 में नितिन की शादी हुई थी और वह हाईस्कूल पास था। शादी होने के बाद नितिन गलत संगत में पड़ गया था। वह आये दिन शराब पीकर घर आता था। समझाने के बावजूद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और लूट जैसे अपराध करने शुरू कर दिये। दिल्ली में लूट करने के बाद वह छह माह तक तिहाड़ जेल में भी बंद रहा था। करीब नौ माह पहले वह अपने घर आया था। उसके बाद से आज तक उसका कोई अता पता नहीं है। पत्नी तीन माह पहले गांव छोड़कर अपने मायके में जा बसी। मृतक के तीन छोटी-छोटी पुत्रियां हैं जो अपनी मां के साथ ही रह रही हैं। जबकि मृतक का पुत्र कृष्ण पांच वर्ष अपनी दादी गीता के पास रह रहा है।
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दस दिन पहले दिया बच्ची को जन्म
एसओ अगौता सत्यवीर सिंह के अनुसार पचास हजार के इनामी बदमाश नितिन की पत्नी शीतल ने करीब दस दिन पहले ही अपने मायके में एक बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची को जन्म देने के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस की दबिश से परेशान होकर नितिन की पत्नी अपने मायके जनपद मुरादाबाद के गांव मिलक में रहने लगी थी। ऐसे में पुलिस से बचने के लिये ही वह अपनी ससुराल में तो शरण नहीं लेता था। हालांकि बेटी पैदा होने के बाद से पुलिस को उम्मीद थी कि वह घर आएगा, ऐसे में वहां पुलिस तैनात थी। वह बेटी को देखने नहीं आया।
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हापुड़ में लूट के बाद से फरार था नितिन
जुलाई में हापुड़ में दिनदहाड़े सब स्टेशन पर कैशियर को गोली मारकर करीब पांच लाख की डकैती डालकर वह फरार हो गया था। तभी से पुलिस नितिन के पीछे लगी हुई थी। खुद अगौता पुलिस फरार होने से अब तक करीब दस बार नितिन के घर पर दबिश दे चुकी है। बुलंदशहर पुलिस ने भी उसकी गिरफ्तारी के लिये गांव में कई मुखबिरों को लगाया हुआ था।
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