फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच करोड़ खर्च के बाद भी नहीं बदले जर्जर तार व खंभे

विज्ञापन
विज्ञापन
पांच करोड़ खर्च के बाद भी नहीं बदले जर्जर तार व खंभे
विज्ञापन

- नगर क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर गिरने की कगार पर हैं जर्जर खंभे
- जर्जर खंभे व तार टूटने से पूर्व में भी हो चुके हैं कई हादसे
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर।
जिलेभर में बिजली अफसरों ने जर्जर तार व खंभों को बदलने के लिए पांच करोड़ से अधिक की धनराशि को ठिकाने लगा दिया, लेकिन आज भी जर्जर तार व खंभों की हालात नहीं सुधर सकी है। जर्जर खंभे होने के चलते राहगीरों को हादसे का डर सता रहा है। एसएसपी दफ्तर के सामने ही दो खंभे गिरने की कगार पर हैं, लेकिन बिजली अफसरों को सुध नहीं है।
बिजली विभाग के अफसर और ठेकेदारों की मिलीभगत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिलेभर में एक वर्ष में जर्जर तार व खंभों को बदलने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया, लेकिन जर्जर तार व खंभों की हालत आज भी जस की तस बनी हुई है। सैकड़ों स्थानों पर खंभे व तार टूटने की स्थिति में है। जिसके कारण राहगीरों को उक्त स्थान से गुजरने में हादसे होने का भय सताता रहता है। न केवल शहर में बल्कि गांवों में भी जर्जर तार व खंभों के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। उक्त हादसों में दर्जनों लोग घायल भी हुए, लेकिन अफसरों की कार्रवाई केवल कागजों में ही दौड़ती रही। गत एक वर्ष के आंकड़ों पर यदि नजर डाली जाए तो पता चलता है कि नगर क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च होने के बाद भी नगर में जर्जर तार व खंभे लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं। आए दिन कोई न कोई हादसा होने से लोग भयभीत हैं, लेकिन बिजली अफसर और ठेकेदार कागजों में योजना को दौड़ाकर मोटी रकम डकार रहे हैं।
विज्ञापन

एसएसपी दफ्तर के सामने बिजली के जर्जर खंभे टूटने की कगार पर हैं, लेकिन बिजली अफसरों ने अभी तक उक्त खंभों को बदलने को गंभीर नहीं हैं। डीएम कार्यालय से 30 मीटर की दूरी पर बिजली के जर्जर तार व खंभों की ऐसी हालत बयां करती है कि बिजली अफसरों को डीएम या किसी अन्य अधिकारी का भय नहीं है।

खंड अनुमानित व्यय
बुलंदशहर 1.36 करोड़
खुर्जा 1.13 करोड़
डिबाई 1.54 करोड़
सिकंदराबाद 27 लाख
स्याना 36 लाख
शिकारपुर 23 लाख
जहांगीराबाद 31 लाख

नोट:
उक्त अनुमानित व्यय पावर कॉरपोरेशन के सर्किल में तैनात अफसरों-बाबुओं के आधार पर है।
...
जर्जर तारों व खंभों को बदलने के लिए टेंडर निकाले जाते रहे हैं। यदि कहीं जर्जर लाइन व खंभे अभी भी बचे हुए हैं तो उन्हें बदलवा दिया जाएगा। सभी खंड के अधिकारियों से खर्च की गई धनराशि का ब्यौरा लिया जाएगा। - संजीव राना, एसई, पावर कॉरपोरेशन

----------------
फोटो समाचार
फुंका ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए दिया धरना
बुगरासी।
दो सप्ताह से लाइट से परेशान गांव बुकलाना के लोगों ने उत्तर प्रदेश किसान सभा के बैनर तले बिजली घर पर सोमवार को धरना दिया। पांच घंटे तक धरने पर बैठे किसानों से मिलने कोई अधिकारी नहीं आया। नाराज किसान अब मंगल दिवस में शिकायत करेंगे।
बुकलाना में 100 केवीए के ट्रांसफॉर्मर को फुके दो सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी इसे बदलवाने की सुध नहीं ले रहे हैं। आधे से अधिक गांव में बिजली न होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा के बैनर तले बुगरासी बिजलीघर पर सुबह धरना शुरू कर दिया। ग्रामीण मौके पर जेई तथा एसडीओ को बुलाने की मांग करने लगे। पांच घंटे तक भी किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष पनप गया। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसान सभा के नेता सागर सिंह ने डीएम को मामले की जानकारी से अवगत कराया। बावजूद इसके कोई भी अधिकारी धरने में नहीं पहुंचा। जिसके का बाद अब मंगलवार को लगने वाले तहसील समाधान दिवस में लोग अपनी समस्या को उठाएंगे। इस दौरान सागर सिंह, आनंदपाल सिंह, डॉ. चंद्रपाल सिंह, राकेश कुमार, नरेंद्र, शिव कुमार आदि सहित अनेक लोग रहे।
...
एकाउटेंट को ही बंधक बनाया
दो सप्ताह से ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से नाराज ग्रामीणों ने बिजलीघर पर उपस्थित एकाउंटेंट सुरेश को ही बंधक बनाकर अपने पास बिठा लिया। ग्रामीणों की सुनने की बात तो दूर पावर कारपोरेशन के अधिकारी अपने कर्मचारी को भी बंधन मुक्त कराने नहीं आए। धरना समाप्त करते वक्त ग्रामीणों ने एकाउंटेंट ने बंधनमुक्त किया।
विज्ञापन

...
ट्रांसफॉर्मर बदलवाने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार कार्यशाला में बात चल रही है। ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध नहीं होने के कारण दिक्कत हो रही है। जैसे ही ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध होता है तत्काल बदल दिया जाएगा। - धर्मेंद्र कुमार, एसडीओ पावर कारपोरेशन स्याना

...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें