दवा बिक्री और दवा के रखरखाव के नियम तोड़ने पर ड्रग विभाग ने 36 मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई की है। ड्रग इंस्पेक्टर ने 17 मेडिकल स्टोरों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए भी आला अफसरों को पत्र भेजा है।
जनपद में कुल मेडिकल स्टोर 2008 हैं। इनमें से 1200 मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों की फुटकर बिक्री होती है। बाकी 808 मेडिकल स्टोर दवाइयों की थोक खरीद बिक्री की जाती है। पिछले दिनों ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन दीपक ने टीम के साथ मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण में दवाइयों का रखरखाव और बिक्री ठीक ढंग से नहीं की जा रही थी। प्रतिबंधित दवाइओं की बिक्री मेडिकल स्टोरों पर हो रही थी। मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्ट भी नहीं था। दवा बिक्री का रिकार्ड ऑनलाइन नहीं था। ऐसा जिले के 36 मेडिकल स्टोरों पर पाया गया था। इसके चलते 14 मेडिकल स्टोरों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
पांच लाइसेंसों को निलंबित किया गया है। बाकी 17 लाइसेंसों को निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है। जिन 17 मेडिकल स्टोरों को निरस्त किया जाना है उसकी रिपोर्ट ड्रग इंस्पेक्टर ने अफसरों को भेज दी है।