बच्चे का शव रख ग्रामीणों ने लगाया जाम
- ढाई घंटे तक बाधित रहा खुर्जा-जेवर मार्ग, दोनों तरफ से लगा वाहनों का तांता
- रात भर गांव में रहे आरोपी, पुलिस पर कार्रवाई न करने से गुस्साए ग्रामीण
- फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे एसपी देहात, सीओ समेत आला अफसर
- अफसरों के समझाने-बुझाने और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन के बाद माने ग्रामीण
खुर्जा जंक्शन। कोतवाली क्षेत्र के गांव सौंदा हबीबपुर गांव में गला रेत कर बच्चे की हत्या करने के मामले में ग्रामीणों का गुस्सा बृहस्पतिवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों ने शव को जेवर-खुर्जा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ पहुंचे एसपी देहात, सीओ आदि अफसरों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर ग्रामीण शांत हुए।
गौरतलब हो कि बुधवार शाम को घर से बाहर खेलने गए दस साल के बच्चे शिवम की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। परिजनों के मुताबिक आरोपी ही वापस आकर बच्चे को अस्पताल ले गए थे और मृत घोषित होने पर उसे उसके घर के आगे फेंक कर भाग गए थे। पुलिस ने मृतक शिवम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बृहस्पतिवार सुबह करीब 8.30 बजे ग्रामीणों ने सौंदा हबीबपुर गांव के मोड़ के पास जेवर-खुर्जा मार्ग पर बच्चे का शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने जंक्शन चौकी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि रात भी आरोपी गांव में थे लेकिन पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं किया। सुबह जब ग्रामीणों ने एक आरोपी को दबोच लिया तो सूचना के एक घंटे बाद पुलिस पहुंची। इसके अलावा पीड़ित परिवार के घर पर घटना की रात कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। उधर जाम लगने से जेवर खुर्जा-मार्ग पर वाहनों का तांता लग गया। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी के समझाने पर भी ग्रामीण नहीं मानें। इसके बाद सीओ प्रमोद कुमार, एसपी देहात पीके तिवारी आदि अफसरों ने पहुंचकर जब ग्रामीणों को समझाया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कड़ी धाराओं में कार्रवाई का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर ढाई घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई नोंकझोंक
जाम लगाने के दौरान कोतवाली प्रभारी अरविंद कुमार, चौकी प्रभारी सत्यवीर सिंह मलिक से ग्रामीणों की जमकर नोंकझोंक हुई। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में भी कई मामलों में चौकी प्रभारी द्वारा लापरवाही बरती गई है तथा पीड़ितों की सुनवाई भी नहीं की जाती। ग्रामीणों ने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं गया। ऐसे में गांव में छिपे आरोपी पीड़ित परिवार पर दुबारा वारदात को अंजाम दे सकते थे।
गांव में पसरा रहा मातम, कई घरों में नहीं जला चूल्हा
दस वर्षीय बच्चे की हत्या की घटना से पूरे गांव में मातम छाया रहा। कई घरों में तो चूल्हा तक नहीं जला। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों के खिलाफ लोगों के दिल में गुस्सा भरा था। हर कोई उन्हें कोस रहा था। उधर मृतक शिवम के घर पर भी ग्रामीणों के अलावा रिश्तेदारों का जमघट लगा रहा। बेटे के गम में बिलख रहे परिवार को देख कर कोई भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहा था। लोग दुखी परिवार को सांत्वना देते नजर आए।
बच्चों में भी दिखाई दी दहशत
दस साल के बच्चे शिव की दर्दनाक तरीके से की गई हत्या के बाद से गांव के बच्चे भी काफी दहशत में दिखाई दिए। डर के मारे बच्चे घरों से बाहर नहीं निकले। उनमें कई बच्चे ऐसे में थे जो मृतक शिवम के साथ खेलते-कूदते थे।
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मामले में मृत शिवम की मां की तहरीर के आधार पर सौंदा हबीबपुर निवासी अरविंद पुत्र नेत्रपाल और उसके ताऊ का बेटा सुनील पुत्र वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी से कार्रवाई की जाएगी। - पीके तिवारी, एसपी देहात
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