39 दिन, 36 गिरफ्तार, पिस्टल-मोबाइल का ‘राज’ अब भी बरकरार
- स्याना बवाल में मृतक इंस्पेक्टर की पिस्टल और तीन मोबाइल का सुराग नहीं
- नौ नामजद और अन्य अज्ञात आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। स्याना बवाल मामले में शुक्रवार को 39 दिन पूरे हो गए। पुलिस मामले में अब तक कुल 36 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है, लेकिन पुलिस अब तक मृतक इंस्पेक्टर की लाइसेंसी पिस्टल और तीन मोबाइल फोन बरामद नहीं कर सकी है। नौ नामजद और अन्य अज्ञात आरोपी अब भी पुलिस के चंगुल से दूर हैं। इनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बीते तीन दिसंबर को स्याना बवाल में तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत एक युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने 27 नामजद आरोपियों समेत 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस इस मामले में अब तक आरोपी योगेश राज, शिखर अग्रवाल, प्रशांत नट, जीतू फौजी, डेविड, कलुआ समेत कुल 36 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। बता दें कि मामले में अभी तक जेल गए 36 आरोपियों में से 17 आरोपी नामजद हैं, जबकि अन्य 18 आरोपियों की शिनाख्त पुलिस ने वायरल हुई वीडियो के आधार पर की थी। मामले में अब तक नौ नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सबसे बड़ा सवाल है कि पुलिस ने इंस्पेक्टर और सुमित की हत्या का राजफाश भी कर दिया है लेकिन अब तक पुलिस किसी भी आरोपी से घटना में प्रयुक्त इंस्पेक्टर की लाइसेंसी पिस्टल और उनके तीन मोबाइल फोन बरामद नहीं कर सकी है। अधिकारी इस बाबत केवल जल्द ही बरामदगी करने की बात कह रहे हैं।
82 का समय पूरा, जल्द हो सकती है कुर्की की कार्रवाई
बीते दिनों आरोपियों की गिरफ्तार न होने पर पुलिस ने फरार आरोपियों के घरों के बाहर 82 सीआरपीसी के तहत कुर्की के नोटिस चस्पा किए थे। जिसमें आरोपियों के गिरफ्तार व सरेंडर करने की अंतिम तिथि 12 जनवरी है। एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर कुर्की की जाएगी।