स्याना/नरसेना/आहार/नरौरा। आहार क्षेत्र में गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद तेज बहाव और कटान ने भारी तबाही मचाई है। प्रसिद्ध सिद्ध बाबा गंगा घाट पर बना श्मशान घाट पूरी तरह नदी में बह गया है। घाट को जोड़ने वाला मुख्य सीसी मार्ग भी लगातार कटान की चपेट में आ गया है। बुधवार तक करीब 350 मीटर मार्ग नदी में समा चुका था। बृहस्पतिवार को करीब 30 मीटर और बह गया।
कुल 380 मीटर सीसी रोड कटान से बह गया है। इससे श्रद्धालुओं और किसानों को बड़ी समस्या हो रही है। नदी की धारा अब कृषि भूमि की ओर बढ़ रही है, जिससे तटीय गांवों में हड़कंप है। फतेहपुर गुर्जर, आहार और औरंगाबाद तहारपुर गांवों की सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि कटान की चपेट में है।
कई खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों का अस्तित्व मिटने की कगार पर है। किसान अजय पाल सिंह और कुलदीप कुमार ने बताया कि इस नुकसान से आर्थिक संकट गहरा गया है।
किसान सचिन ने बताया कि जलस्तर कम होने पर श्रद्धालुओं को स्नान के लिए एक किलोमीटर आगे जाना पड़ेगा। चार पहिया वाहन भी अब गंगा घाट तक नहीं पहुंच पाएंगे। किसान महिपाल सिंह ने कटान बढ़ने से किसानों के बीच सीमा विवाद की संभावना जताई है।
गंगा के कटान से फतेहपुर गुर्जर के कई किसान भूमिहीन होने की कगार पर हैं। फसल और जमीन दोनों के नुकसान से किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि समय पर सीमांकन और कटान रोकने के उपाय न हुए तो विवाद बढ़ सकता है।
उन्होंने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल तटबंध बनाने की मांग की है। पक्के स्टड बनाकर कटानरोधी कार्य शुरू करने की अपील की गई है।
जलस्तर में गिरावट, फिर भी तेज बहाव
गंगा बैराज पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर में करीब छह हजार क्यूसेक की गिरावट दर्ज हुई है। बृहस्पतिवार को बैराज से गंगा की निचली धारा में 1,05,633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार को यह निकासी 1,11,969 क्यूसेक थी।
सिंचाई विभाग हेडवर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि जलस्तर फिलहाल लो फ्लड श्रेणी में है। बिजनौर बैराज से भी बृहस्पतिवार को करीब 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी की निकासी में कमी के बावजूद आहार क्षेत्र में गंगा का बहाव तेज बना हुआ है।
एसडीएम ने किया निरीक्षण और अपील
गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए बुधवार को एसडीएम लालजी विश्वकर्मा ने सिद्ध बाबा गंगा घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने घाट पर जलस्तर और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसडीएम ने लोगों से घाटों पर स्नान करने और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों को नदी और घाटों के आसपास न जाने देने को कहा। प्रशासन जलस्तर पर नजर रख रहा है और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।