राकेश हत्याकांड में कोर्ट का फैसला
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बुलंदशहर के ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव गढाना में करीब पांच साल पूर्व हुए राकेश हत्याकांड में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार तृतीय ने मामले की गंभीरता और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 3.15 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि वारदात एक जुलाई 2021 की है। गांव गढाना निवासी राहुल कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसके चाचा राकेश की गांव के ही कुछ दबंगों ने आपसी रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने दो जुलाई 2021 को किक्का उर्फ कृष्ण कुमार, दीपक, टोनी उर्फ दुष्यंत, धर्मेंद्र, नवीन और कृष्ण के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचनाधिकारी ने साक्ष्य संकलन के बाद सभी छह आरोपियों के खिलाफ 18 नवंबर 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट में चली।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी और ठोस गवाहों के चलते आरोपियों का दोष सिद्ध हुआ। न्यायालय ने सजा सुनाते हुए दोषियों को दो श्रेणियों में अर्थदंड से दंडित किया है। किक्का उर्फ कृष्ण कुमार, दीपक और टोनी इन तीनों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि, धर्मेंद्र, नवीन और कृष्ण इन तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट के इस फैसले के बाद वादी पक्ष ने संतोष व्यक्त किया है।