बुलंदशहर। दहेज हत्या के दोषी पति, पत्नी और उनके बेटे को न्यायालय एडीजे/एफटीसी-03 के न्यायाधीश योगेश कुमार ने दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने बताया कि गांव नगला शाहपुर थाना रबूपुरा जनपद गौतमबुद्ध नगर निवासी ओमवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि अपनी पुत्री प्रीति की शादी गांव बड़ौदा थाना सलेमपुर, बुलंदशहर निवासी पवन के साथ 22 अप्रैल 2023 में की थी। ससुरालिए अतिरिक्त दहेज में पांच लाख नकद, कार की मांग को लेकर उनकी पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। आठ अगस्त 2023 को ससुरालियों ने उनकी पुत्री की दहेज की खातिर हत्या कर दी। पीड़ित की तहरीर पर थाना सलेमपुर पुलिस ने
नौ अगस्त 2023 को पवन उसके पिता शंकर लाल, मां शारदा के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। 25 नवंबर 2023 काे पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद कोर्ट ने माता, पिता, बेटे को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने तीनों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।