संकट : आज से निजी अस्पतालों में नहीं लगाई जाएगी वैक्सीन
बुलंदशहर। वैक्सीन की कमी के कारण निजी अस्पतालों में टीकाकरण रुक गया है। इन अस्पतालों को वैक्सीन की सप्लाई रोक दी गई है। अभी तक जनपद के सात निजी अस्पतालों में टीकाकरण हो रहा था। शुक्रवार को वैक्सीन न होने के कारण पांच निजी अस्पतालों में महज 86 लोगों को टीका लगाया गया। जनपद के 86 सरकारी केंद्रों पर 6030 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
आम लोगों का टीकाकरण शुरू होने पर मार्च माह में निजी अस्पतालों में भी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। शासन द्वारा निर्धारित 250 रुपये देकर पात्र लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही थी। अप्रैल माह में वैक्सीन की कमी होने पर निजी अस्पतालों को दी जाने वाली वैक्सीन की आपूर्ति पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है। निजी अस्पतालों में पहली डोज लगवा चुके लोगों को दूसरी डोज सरकारी अस्पतालों में लगाई जाएगी।
निजी अस्पतालों में दी जा चुकी है 2550 डोज
नगर में अमेयश अस्पताल, राना अस्पताल, लक्ष्मी लाइफ लाइन व मिशन अस्पताल और नवीन अस्पताल सिकंदराबाद, खुर्जा का कैलाश अस्पताल व पीएचआरडी अस्पताल को वैक्सीनेशन के लिए केंद्र बनाया गया था। जिला वैक्सीन स्टोर मैनेजर देवराज कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में मार्च माह में 1300 डोज और अप्रैल माह में 15 अप्रैल तक 1250 डोज दी जा चुकी है। शुक्रवार को निजी अस्पतालों को डोज नहीं दी गई। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार शुक्रवार को अमेयश अस्पताल में 10, राना अस्पताल में 39, लक्ष्मी लाइफ लाइन में 10 और नवीन अस्पताल सिकंदराबाद में 10, खुर्जा के कैलाश अस्पताल में 17 लोगों को टीका लगाया गया।
वैक्सीन की कमी होने के कारण निजी अस्पतालों में अग्रिम आदेश तक आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। सरकारी चिकित्सालयों में वैक्सीनेशन का कार्य निरंतर जारी रहेगा। - डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, एसीएमओ/नोडल अधिकारी
निजी अस्पतालों ने मांगी एंटीजन किट
आईएमए ने निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग से एंटीजन किट की मांग की है। एक सप्ताह बाद भी किट न मिलने पर आईएमए के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के विरुद्ध रोष जताया। सचिव डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि जनपद में दिन-प्रतिदिन कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में कोविड जांच के बाद ही मरीजों को देखा जा रहा है। इसके बावजूद सरकारी चिकित्सालयों का स्टाफ कोरोना संक्रमित मिल रहा। निजी अस्पतालों के स्टाफ को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके और संक्रमित की पहचान हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से 47 निजी अस्पतालों के लिए एंटीजन किट की मांग की गई है। इस संबंध में डीएम और सीएमओ को पत्र दिया जा चुका है।
सात स्वास्थ्य कर्मी सहित 192 मिले संक्रमित
बुलंदशहर। जनपद में दिन प्रतिदिन जांच में तेजी आने के साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लगातार चौथे दिन भी जनपद में 100 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। शुक्रवार को सात स्वास्थ्य कर्मियों सहित 192 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 26 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया। जनपद में अब कुल संक्रमितों की संख्या 7,465 हो गई है। इनमें से 6,415 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 96 लोगों की मौत हो गई है। शेष 954 मरीजों का उपचार चल रहा है।
एसीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमित मिलने पर संबंधित के संपर्क में आने वाले लोगों की कोरोना जांच में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाहरी जनपदों से आने वाले लोगों की भी कोरोना जांच की जा रही है। शुक्रवार को 93 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। साथ ही खुर्जा व अनूपशहर में 18-18, सिकंदराबाद में 16, शिकारपुर में 13 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा बीबीनगर व स्याना में आठ-आठ, गुलावठी में छह, जहांगीराबाद में तीन, डिबाई, अगौता, लखावटी व स्याना क्षेत्र में दो-दो और दानपुर, औरंगाबाद व अरनियां क्षेत्र निवासी एक-एक व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं, सिकंदराबाद क्षेत्र में एक व्यक्ति की कोरोना से नोएडा के निजी अस्पताल में मौत की सूचना मिली है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।