बढ़ रहा कोरोना का संक्रमण, बिना मास्क घूम रहे लोग
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण में लगातार वृद्धि होने के बावजूद लोगों में बचाव के प्रति सजगता न के बराबर दिख रही है। बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आ रही है। इसके साथ ही अधिकांश लोग मास्क लगाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। गाइडलाइन का उल्लंघन किया जा रहा है। संक्रमण के बढ़ने के बावजूद लोग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। बुधवार को 15 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। जनपद में संक्रमण के अब कुल 6451 केस हो गए हैं, जिसमें 6220 डिस्चार्ज किए जा चुके हैं और 95 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 136 लोगों का उपचार चल रहा है।
जनपद में कोरोना संक्रमण ने फिर तेजी से पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन लगातार अपील कर मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के प्रति जागरूक कर रहा है। लेकिन जनपदवासी बचाव के उपाय अपनाने की जगह नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं। नगर के प्रमुख बाजार समेत, बस अड्डे, सार्वजनिक स्थान और जिला प्रदर्शनी में लोगों की भीड़ लगी रहती है। एसीएमओ/ नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि बुलंदशहर नगर के यमुनापुरम व जीएसटी कार्यालय में दो-दो व्यक्ति और साठा, रामा एंक्लेव, डीएम रोड, सुशीला विहार, कोठियात व धमैड़ा अड्डा निवासी एक-एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा शिकारपुर में दो और सिकंदराबाद व खुर्जा क्षेत्र निवासी एक-एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
बोले चिकित्सक
कोरोना संक्रमण से स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग जरूर करें और साथ ही सामाजिक दूरी का पालन भी करें। इससे लोग संक्रमण से बचे रहेंगे।
डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, एसीएमओ
कोरोना संक्रमण एक-दूसरे के संपर्क में आने पर तेजी से फैलता है। इससे बचने के लिए कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करें।
डॉ. परवेंद्र कुमार, चिकित्सक जिला अस्पताल
जनपद में 15 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी हुई है। सार्वजनिक एवं अन्य क्षेत्रों में प्रतिदिन टीम को भेजकर जांच कराई जा रही है। सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। इसके अलावा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
बिना जांच अस्पताल में महिलाओं की एंट्री हुई बंद
बुलंदशहर। जिले में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन संक्रमण को कम करने के प्रयास में जुटा हुआ है। दो माह पूर्व संक्रमण को लेकर जिला अस्पताल की ओपीडी में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों की कोविड जांच शुरू कर दी गई। जिसके बाद मार्च में जिला महिला अस्पताल में भी कोविड जांच शुरू कर दी गई। शुरुआत में नाममात्र लोगों की जांच की जा रही थी। लेकिन जनपद में संक्रमण की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होने पर अब महिला अस्पताल में आने वाली सभी महिलाओं की कोविड-19 जांच अनिवार्य कर दी गई है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ज्योत्सना ने बताया कि प्रतिदिन अस्पताल की ओपीडी में 400 से अधिक महिलाएं जांच और उपचार कराने के लिए आती है। प्रतिदिन अस्पताल के गेट पर कोविड-19 जांच कराने के बाद ही संबंधित को ओपीडी में प्रवेश मिल सकेगा।