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माता या पिता को खोने वाले छह और बच्चे मिले

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माता या पिता को खोने वाले छह और बच्चे मिले
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बुलंदशहर। कोरोना से माता या पिता को खोने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर अब 23 हो गई है। जनपद में गठित टास्क फोर्स ने पूर्व में ऐसे 17 बच्चों की तलाश की थी। जबकि अब छह और बच्चों की तलाश कर उनको सूची में शामिल कर लिया है। टास्क फोर्स की ओर से ऐसे और बच्चों की तलाश जारी है।
कोरोना संक्रमण से जनपद में अब तक अनेक लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिनों पहले शासन ने कोरोना संक्रमण से जिन बच्चों के माता या पिता की मौत हो चुकी है। उनकी सूची तैयार करने के लिए डीएम को टास्क फोर्स बनाने के आदेश दिए थे। डीएम द्वारा गठित टास्क फोर्स लगातार ऐसे बच्चों की तलाश कर रही है। गत दिनों टास्क फोर्स ने ऐसे 17 बच्चों की तलाश की थी। अब टास्क फोर्स ने ऐसे ही छह और बच्चों की तलाश कर उनको सूची में शामिल कर लिया है। इस तरह से अब जनपद में माता-पिता को खोने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। टास्क फोर्स में शामिल अफसरों का कहना है कि जनपद में ऐसे और बच्चों की तलाश जारी है।
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बेसहारा बच्चों को मिलेगा सहारा और आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बेसहारा बच्चों को सरकारी संस्थानों में निशुल्क आवास, 18 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावक या देखभाल करने वालों को चार हजार रुपये प्रतिमाह, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और अटल आवासीय विद्यालयों में 12वीं तक की निशुल्क शिक्षा और 12 हजार रुपये प्रति वर्ष, शादी योग्य बालिकाओं की शादी के लिए 1.01 लाख की राशि, कक्षा नौ या इससे ऊपर/ व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले 18 साल तक के बच्चों को टैबलेट और लैपटॉप एवं बालिग होने तक बच्चों की चल-अचल संपत्ति की कानूनी एवं विधिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
इस तरह करना होगा आवेदन
जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत निर्धारित प्रारूप भरकर ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम विकास व पंचायत अधिकारी या विकास खंड, जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय पर जमा होगा। शहरी क्षेत्र में लेखपाल, तहसीलदार या जिला प्रोबेशन अधिकारी आवेदन की प्रक्रिया पूरी करवाएंगे। माता या पिता की मृत्यु से दो वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा। साथ ही आवश्यक दस्तावेज स्वयं सत्यापित प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। बच्चे और अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्ण आवेदन, माता-पिता दोनों की जैसी भी स्थिति हो का मृत्यु प्रमाणपत्र, कोविड-19 से मृत्यु का साक्ष्य देना होगा। साक्ष्य के लिए एंटीजन या आरटीपीसीआर की पॉजिटिव रिपोर्ट, ब्लड रिपोर्ट या सीटी स्कैन में कोविड-19 का इंफेक्शन होना माना जा सकता है। बच्चों का आयु प्रमाणपत्र, किशोर न्याय बालकों की देखरेख अधिनियम-2015 की धारा-94 में उल्लेखित प्रमाणपत्रों के अतिरिक्त परिवार रजिस्टर की नकल अथवा किसी सरकारी दस्तावेज की प्रति, जिसमें आयु का उल्लेख हो और शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाणपत्र लाना अनिवार्य होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस योजना से बेसहारा हुए बच्चों को काफी लाभ मिलेगा।
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जनपद में ऐसे बच्चों की तलाश जारी है, जिनके माता या पिता की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। अब ऐसे छह और बच्चे तलाश किए गए हैं। इस तरह से अब ऐसे बच्चों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। गठित टास्क फोर्स की ओर से ऐसे बच्चों की तलाश जारी है। ऐसे बच्चों को मिलने वाली सुविधा और आर्थिक मदद के लिए भी शासन का आदेश मिल गया है।
- नागेंद्र पाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं समाज कल्याण अधिकारी
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