अस्पताल खुले लेकिन नहीं मिले चिकित्सक
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण कम होने पर शासन द्वारा सरकारी चिकित्सालयों की ओपीडी सेवा बहाल कर दी गई। लेकिन जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में नाममात्र मरीजों के आने के बावजूद चिकित्सक नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए 622 लोगों ने पंजीकरण कराया। ओपीडी कक्ष में चिकित्सक न होने पर कुछ मरीज इंतजार करते नजर आए तो कुछ बिना जांच के बैरंग लौट गए। 17 अप्रैल से सरकारी चिकित्सालयों में बंद चल रही प्राथमिक उपचार की सेवा दो दिन पूर्व शासन द्वारा बहाल कर दी गई। ओपीडी सेवा बंद रहने के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गईं। लेकिन गंभीर बीमारी न होने के कारण मरीज अस्पताल आने से दूरी बनाए रखे और टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ लेते रहे।
सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि एक चिकित्सक की नाइट ड्यूटी लगी होने के कारण अवकाश पर हैं। ओपीडी में अन्य चिकित्सकों के न होने की जानकारी ली जाएगी। यदि चिकित्सक बिना बताए गायब रहे है तो कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को 622 मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया है।
उषा ने बताया कि आंख में परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाने आई। चिकित्सक द्वारा जांच लिखने पर नेत्र परीक्षण कराकर दवाई ली। नेत्र विभाग में चिकित्सक मिलने से राहत मिली, अधिक इंतजार भी नहीं करना पड़ा। महेश कुमार ने बताया कि सीने में दर्द होने पर खैरपुर से चिकित्सक को दिखाने के लिए आया हूं। करीब 45 मिनट से इंतजार कर रहा हूं, चिकित्सक का कक्ष तो खुला है लेकिन चिकित्सक कक्ष में नहीं हैं। जानकारी करने पर भी सही पता नहंी चला। महावीर प्रसाद ने बताया कि शुगर व बीपी हाई होने पर चिकित्सक को दिखाने के लिए करीब 50 मिनट से उनके कक्ष के बाहर बैठकर इंतजार कर रहा हूं। अन्य चिकित्सकों को दिखाया तो उन्होंने संबंधित चिकित्सक के लिए दिखाने को कहा।