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अनाथ हुए बच्चों को मदद का इंतजार

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अनाथ हुए बच्चों को मदद का इंतजार
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बुलंदशहर। जनपद में कोरोना संक्रमण की वजह से माता-पिता में से कोई एक या दोनों को खो चुके बच्चों को मदद का इंतजार है। जिन तीन बच्चों के पिता नहीं रहे उनकी मां ने आजीविका चलाने के लिए राहत की मांग की है। एक बच्चे के दादा चाहते हैं कि उनके पोते की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश का कोई इंतजाम हो।
शासन के आदेश पर जनपद में ऐसे बच्चों की तलाश के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है जो अनाथ हो गए हैं या फिर जिन्होंने माता-पिता में से किसी एक को खो दिया है। टास्क फोर्स ने ऐसे 11 बच्चों की तलाश का दावा करते हुए शासन को सूची भेजी है। टॉस्क फोर्स में शामिल बाल कल्याण समिति के सदस्य ने बताया कि पहासू में मां की मौत के बाद बेटी प्रियंका और बेटा अंशु लोधी अनाथ हो चुके हैं। गांव खालौर में बिन्नामी शर्मा की मौत के बाद परिवार में पत्नी के और तीन बच्चे रोहित, मोहित और प्रियांशी हैं। इनके सामने भरण-पोषण की चुनौती है। नगर के यमुनापुरम में प्रभाकर दत्त शर्मा की कोरोना से मौत के बाद परिवार में पत्नी रश्मि, बेटा देवांश, बेटी भूमिका और चार्बी हैं। नगर के ही मोहल्ला कृष्णा नगर में धीरज अग्रवाल की मौत के बाद परिवार में पत्नी ममता के अलावा बेटी अराध्या और बेटा अभय रह गए हैं। इन सभी परिवारों ने बच्चों की शिक्षा के साथ जीवन यापन करने के लिए आजीविका की मांग की है। वहीं, ककोड़ क्षेत्र के गांव शेरपुर में पांच वर्षीय आयुष की परवरिश करने वाली दादी बीरमति की मौत भी कोरोना से हो गई है। अब दादा जयभवान चाहते हैं कि उनका पोते को किसी संस्था में शरण मिल जाए।
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मुसीबत में हैं बच्चे तो 1098 पर करें फोन
जिला प्रोबेशन अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जिन बच्चों के माता-पिता की कोरोना से मौत हो गई है उनके पुर्नवास के लिए प्रयास जारी हैं। ऐसे बच्चाें की तलाश जनपद में गठित टॉस्क फोर्स की ओर जारी है। कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों और उनकी सुरक्षा या उन्हें कोई परेशान कर रहा है तो चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन कर सकते हैं। इस टोल फ्री नंबर पर सूचना दिए जाने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
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तलाश तेज, मिलेगी राहत
अभी तक दो अनाथ बच्चों और आठ अन्य बच्चों की माताओं ने उनकी शिक्षा और परिवार चलाने के लिए आजीविका की मांग की है। एक बच्चे के दादा ने किसी संस्था में संरक्षण दिए जाने की बात कही है। हम जिले में ऐसे बच्चों की तलाश कर सूची बना रहे हैं। - डॉ. भूपेंद्र सिंह, सदस्य, बाल कल्याण समिति
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