कनौना और दौलतपुर कलां गांव में बुखार आने के चार दिन में टूट रहा दम
ऊंचागांव/ खानपुर। क्षेत्र का गांव कनौना में पिछले आठ दिन में 14, जबकि दौलतपुर कलां गांव में एक माह में 18 लोगों की मौत से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। दौलतपुर कलां में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई जब जांच के दौरान दो परिवार के कुल दस लोगों को संक्रमण की पुष्टि हुई। जबकि कनौना में साढ़े छह हजार की आबादी में अभी तक मात्र 48 लोगों की जांच की गई है। लोगों का कहना है कि बुखार आने के चार से पांच दिन में बीमार की मौत हो जा रही है।
पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद गांवों में बड़ी संख्या में लोगों को बुखार, खांसी की समस्या हो रही है। 15 अप्रैल से 12 मई के बीच गांव दौलतपुर कलां में 18 और चार मई से 12 मई के बीच गांव कनौना में 14 लोगों की मौत हो गई। बुधवार को गांव कनौना में शिविर लगाकर 48 लोगों की जांच करते हुए खानापूर्ति पूरी कर ली गई। गांव की कुल साढ़े छह हजार की आबादी के सापेक्ष अभी तक एक फीसदी लोगों की भी जांच नहीं की गई। इस दौरान केवल दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जबकि गांव दौलतपुर कलां में जांच के दौरान दो परिवार के कुल दस लोगों को संक्रमण की पुष्टि हुई। इससे अब ग्रामीण और भी परेशान हैं।
झोलाछाप चिकित्सक और निजी लैब ने बढ़ाई परेशानी
खांसी, बुखार की समस्या होने के बाद बड़ी संख्या में लोग झोलाछाप चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। जिसके चलते वह जांच के लिए निजी लैब पर भेज देते हैं। मलेरिया व टाइफाइड की पुष्टि होने के बाद झोलाछाप चिकित्सक अपने क्लीनिक व कोविड गाइडलाइन का पालन भी नहीं कर रहे हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।
गांव कनौना में इन लोगों की हुई है मौत
किरन देवी, लज्जा देवी, जयपाल सिंह, सत्यदेव सिंह, करन सिंह, देशराज सिंह, देवेंद्र सिंह, ओमवती देवी, मास्टर रामचंद्र सिंह, प्रेम सिंह, तारा देवी, कलुआ सिंह व 10 दिन के नवजात की मौत हुई है।
गांव दौलतपुर कलां में इन लोगों की हुई है मौत
मोहन, गुडडू, नरेया, किरन चौहान, धन्नी चौहान, राजकली चौहान, विक्की सैनी, ओमपाल लोधी, मेघराज चौहान, राधेलाल, सुमेरी, बूंदु, सायरा बानो, पुष्पा देवी, अख्तर अंसारी, अलीहसन, आशिया और मटरू की मौत हुई है।
बोले लोग
केवल कर्फ्यू लगाने से ही लोग अपना बचाव नहीं कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना बचाव स्वयं करना होगा। यदि संक्त्रस्मण को बढ़ने से रोकना है तो सरकार को भी उचित कदम उठाने होंगे।
मार्शल पंडित, निवासी दौलतपुर कलां
गांव में अधिक से अधिक लोगों के स्वास्थ्य जांच की जरूरत है। सरकारी अस्पताल दूर होने के कारण बड़ी संख्या में लोग उपचार व जांच के लिए नहीं जा पाते हैं। बीमारी को गंभीरता से लेते हुए लोगों को भी अपना बचाव करना होगा।
श्रीपाल, निवासी गांव कनौना
गांव मे लगातार हो रही मौतों के लेकर ग्रामीणों में भय व्याप्त है गांव को सैनिटाइज कराना चाहिए और दो गज की दूरी बनाकर रखे और घर से मास्क लगाकर निकले। - प्रमोद कुमार, निवासी गांव दौलतपुर कलां
प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए गाइडलाइन का पालन करना होगा। अपने जीवन में इतनी भयंकर महामारी नहीं देखी है। बचाव के नियमों का पालन करते हुए ही खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
घासी सिंह, निवासी गांव कनौना
दोनों गांव की सीएचसी ऊंचागांव है
चिकित्सक - 9
फार्मासिस्ट - 4
वार्ड ब्वॉय - 2
मेल स्टाफ नर्स - 2
फीमेल स्टाफ नर्स - 4
एएनएम - 23
स्वीपर - 3
सीएचओ - 8
लैब टैक्नीशियन - 3
कुल बेड - 15
ऑक्सीजन युक्त बेड - 04
इन गांवों में भी हो चुकी हैं मौत
गांव का नाम मौत
कुंवरपुर 07
राजौर 09
कैलावन 18
परवाना 17
गांव में एक सप्ताह में जिन 14 लोगों की मृत्यु हुई है। उनके परिजनों व आसपास के 48 लोगों के कोविड-19 की जांच की गई है। दो लोग पॉजिटिव आए हैं। 200 लोगों की स्क्रीनिंग भी की गई है। सभी लोगों को आवश्यक दवाएं दे दी गई हैं और सभी गांववासियों को घरों में रहने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. पीयूष कुमार, सीएचसी प्रभारी ऊंचागांव
गांव को सैनिटाइज कराने के लिए योजना बनाई जा रही है। प्रशासन के सहयोग से गांव को पूरी तरह से सैनिटाइज कराया जाएगा। महामारी से बचाव के लिए मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और हाथों को बार-बार धोना जरूरी है। बिना गाइडलाइन का पालन किए महामारी से बचाव संभव नहीं है।
अजय कुमार, ग्राम प्रधान कनौना