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अब एल-2 भी हुआ खाली, रिकवरी रेट 98 फीसदी

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खुर्जा स्थित कोविड अस्पताल। - फोटो : BULANDSHAHR
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अब एल-2 भी हुआ खाली, रिकवरी रेट 98 फीसदी
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बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण को लेकर जिले के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। मई से अगस्त तक अस्पतालों में जहां बेड का अकाल रहा था। वहीं, एल-1 अस्पताल के बाद अब एल-2 अस्पताल भी खाली हो गया है। इसका कारण कोरोना का रिकवरी रेट 98 फीसदी होना बताया जा रहा है। एल-1 के दोनों अस्पताल जहां अक्तूबर माह से खाली हैं, वहीं, एल-2 अस्पताल में 13 जनवरी के बाद कोई भी नया संक्रमित मरीज भर्ती नहीं हुआ है। वहीं, 18 जनवरी को अस्पताल में भर्ती सभी मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। एल-2 के खाली होने पर स्वास्थ्य अफसरों ने बंद चल रही सुविधाओं को बहाल करने की योजना बनाई है। जल्द ही सिटी स्कैन के साथ अन्य सुविधाओं का भी मरीज लाभ ले सकेंगे।
जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मरीज 29 मार्च को सिकंदराबाद क्षेत्र में मिला था। इसके बाद कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। एक-दो माह पूर्व जिले में मरीजों की संख्या जहां 50 के आसपास रही थी और कई बार मरीजों का आंकड़ा 80 के पार तक पहुंच गया था। लेकिन गत माह में कोरोना मरीजों के मिलने का सिलसिला अभी थमा तो नहीं लेकिन काफी हद तक इस पर लगाम लगी है। इस समय एक से 10 के बीच केस आ रहे हैं। मरीजों की संख्या घटने पर स्वास्थ्य विभाग भी राहत महसूस कर रहा है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार अब तक करीब 98 फीसदी संक्रमित ठीक हो चुके हैं।
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एल-1 के दोनों अस्पताल अक्तूबर में हो गए थे खाली
नगर के वीआईआईटी कॉलेज और शिकारपुर के चिट्टा जेपी अस्पताल को एल-1 अस्पताल बनाया गया था। एक समय था दोनों अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक रहने पर बेड फुल रहते थे। अक्तूबर माह में सर्वप्रथम वीआईआईटी एल-1 खाली हुआ तो कुछ समय बाद चिट्टा एल-1 भी खाली हो गया। जिसके बाद से जिले में मिलने वाले कोरोना संक्रमित को खुर्जा एल-2 में भर्ती कर उपचार किया जा रहा था, जो 18 जनवरी से खाली पड़ा है। 20 जनवरी तक जिले में 6170 कुल केस हो गए, जिसमें 6021 ठीक हो चुके है और 92 की मौत हो चुकी है। जबकि 57 मरीजों का उपचार चल रहा है।
57 मरीजों का चल रहा उपचार
जिले में वर्तमान में 57 कोरोना संक्रमित का उपचार चल रहा है, जिसमें 38 लोग होम आईसोलेट की सुविधा का लाभ ले रहे हैं तो मेरठ कोविड अस्पताल में तीन, नोएडा कोविड अस्पताल में तीन, हापुड़ कोविड अस्पताल में छह और अन्य जिलों के कोविड अस्पताल में सात व्यक्तियों का उपचार चल रहा है।
मरीज घटने के बाद भी रहें सतर्क
स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम में शामिल डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मरीज कम मिलना अच्छी बात है, लेकिन कोरोना संक्रमण का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। हर कदम पर सभी को अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होगी। जब भी घर से बाहर निकले तो मॉस्क जरुर लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी जरूर करें। वहीं, छोटे बच्चों और बड़े बुजुर्गों को आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर जाने दें।
एल-2 खाली होने से अब मरीज करा सकेंगे उपचार
खुर्जा स्थित जटिया चिकित्सालय के कोविड अस्पताल बनने पर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़। कुछ सुविधाएं बंद होने पर मरीजों को महंगी रकम खर्च कर निजी खर्चे पर उपचार कराना पड़ा। अब कोविड-19 यानी एल-2 के खाली होने पर स्वास्थ्य अफसरों ने बंद चल रही सुविधाओं को बहाल करने की योजना बनाई है। जल्द ही सिटी स्कैन की सुविधा के साथ अन्य सुविधाओं का भी मरीज लाभ ले सकेंगे।
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खुर्जा एल-2 वर्तमान में खाली चल रहा है, जहां के कोविड-19 स्टाफ को जल्द ही अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। साथ ही एल-2 के बनने से जो सुविधाएं बंद चल रही थी वे सभी सुविधाएं बहाल कर दी जाएगी। जिससे मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
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