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दवा खरीदने वालों के दर्ज नहीं हो रहे नाम

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दवा खरीदने वालों के दर्ज नहीं हो रहे नाम
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बुलंदशहर। जनपदभर में मेडिकल स्टोर संचालक आदेश के बाद भी दवा खरीदने वालों के नाम-पता दर्ज नहीं कर रहे हैं। शासन ने कोरोना संक्रमण बढ़ने पर जुकाम, बुखार और खांसी की दवा खरीदने वालों के नाम-पता दर्ज करने का आदेश दिया था। जिससे संबंधित बीमारी के लोगों का पता कर उपचार किया जा सके। लेकिन मेडिकल स्टोर संचालकों की मनमानी के चलते संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा हैं।
जनपद में हजारों लोग जुकाम, बुखार, खांसी और सांस रोग से पीड़ित हैं। ऐसे लोग कोरोना संक्रमण के डर के कारण सरकारी चिकित्सालय और निजी अस्पतालों में उपचार कराने से बच रहे हैं और अपंजीकृत लोगों से उपचार कराने के साथ संबंधित बीमारी की मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर खा रहे हैं। इनमें से यदि कोई संक्रमित होगा तो वह कई अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकता हैं। जिससे कोरोना चेन बन सकती हैं। शासन ने संक्रमित लोगों का पता करने के लिए मेडिकल स्टोर संचालकों को ऐसी दवाएं खरीदने वाले मरीजों का नाम-पता और मोबाइल नंबर दर्ज करने का निर्देश दिया था। शासन के निर्देश को औषधि निरीक्षक द्वारा मेडिकल स्टोर संचालकों को अवगत कराने के बाद इतिश्री कर ली गई। कार्रवाई न होने के डर से मेडिकल स्टोर संचालक भी बिना नाम-पता दर्ज किए महीनों से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। बुलंदशहर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेश त्यागी ने बताया कि सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को अवगत कराया जा चुका हैं कि कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। साथ ही बुखार, जुकाम और खांसी आदि बीमारी की दवाएं खरीदने वाले लोगों का नाम-पता दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराते रहे। जिला बुलंदशहर औषधि विक्रेता संघ के कोषाध्यक्ष अनिल गोयल ने बताया कि संघ की ओर से सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को कोरोना संक्रमित की पहचान कराने के लिए शासन द्वारा जारी आदेश का पालन करने को अवगत करा दिया गया हैं। पुन: संचालकों को अभियान में सहयोग करने की अपील की जाएगी।
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सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को बुखार, जुकाम और खांसी की दवाएं खरीदने वालों का नाम-पता अपने यहां रिकॉर्ड रखने के लिए निर्देश दिया जा चुका हैं। संबंधित बीमारी की दवाएं खरीदने वालों का रिकॉर्ड न रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- दीपालाल, औषधि निरीक्षक
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