बुलंदशहर। नाबालिग को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायालय एडीजे/पोक्सो-01 के न्यायाधीश विनीत चौधरी ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पीड़ित ने गांव कहिरा थाना कोतवाली देहात निवासी अखिलेश पर उनकी नाबालिग पुत्री को अगवा कर ले जाने का आरोप लगाया था। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली देहात पुलिस ने 29 सितंबर 2016 में आरोपी के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने किशोरी को तलाशने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में बयान लेने पर किशोरी ने आरोपी पर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया था।
बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा बढ़ाई थी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 13 नवंबर 2017 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ पांच गवाह पेश किए गए।
गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी अखिलेश को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने दोषी अखिलेश को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।