बुलंदशहर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट-प्रथम विनीत चौधरी की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने अभियुक्त बंटी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला वर्ष 2019 का है। थाना बीबीनगर क्षेत्र के गांव मडौना निवासी बंटी ने थाना कोतवाली देहात क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इस संबंध में पीड़िता के भाई की तहरीर पर 8 दिसंबर 2019 को कोतवाली देहात में बहलाकर भगाने और पॉक्सो एक्ट समेत दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश कर 5 मार्च 2021 को आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अदालत में ट्रायल के दौरान पुलिस मॉनीटरिंग सैल ने मजबूती से पक्ष रखा और अभियोजन की ओर से कुल 6 गवाह परीक्षित कराए गए। गवाहों के बयान और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने बंटी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।