बुलंदशहर। सीवर लाइन बिछाने वाले ठेकेदार ने फर्जी आईटीसी के माध्यम से 1.25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी कर ली। जीएसटी विभाग की टीम ने ठेकेदार के कार्यालय पर छापा मारकर मामले का खुलासा किया है। टीम ने मौके पर ही ठेकेदार से 130.56 लाख रुपये जीएसटी मय ब्याज के जमा कराया है।
शहर में 586 करोड़ की लागत से सीवर लाइन बिछाई गई थी। दो कंपनियों को काम पूरा कराने का जिम्मा दिया गया था। एक चरण में कार्य करने वाले ठेकेदार ने कार्य पूरा करते हुए सीवर लाइन को हैंडओवर कर दिया था। इसके बाद फर्म को गोरखपुर में सीवर लाइन बिछाने का काम मिल गया था। फर्म का नगर के भूड़ चौराहे के पास कार्यालय है। फिलहाल फर्म सीवर लाइन की मरम्मत का कार्य कर रही है।
सोमवार को जीएसटी विभाग के अधिकारियों की एक टीम ने कार्यालय पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि ठेकेदार की ओर से प्रतिमाह दाखिल की जाने वाले जीएसटी रिटर्न में बड़े स्तर पर अनियमितता की गई। कुल 1.25 करोड़ रुपये के टैक्स की चोरी की गई। रिटर्न पर नियमानुसार 5.56 लाख रुपये का ब्याज भी नहीं दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त रविकांत, भूपलाल मौजूद रहे।
जीएसटी विभाग के उपायुक्त जयंत सिंह ने बताया कि प्रतिमाह जीएसटी रिटर्न को कम दर्शाते हुए रिटर्न दाखिल करने में देरी की गई। इसके चलते अगले माह के आईटीसी का क्लेम भी साथ ही कर लिया गया, ताकी कैश कम दर्शाया जा सके। इसके अलावा जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के दौरान हुई देरी पर जुर्माना भी नहीं दिया गया।
आगे की जांच के लिए कब्जे में लिए दस्तावेज
उपायुक्त जयंत सिंह ने बताया कि ठेकेदार की ओर से बड़े स्तर पर जीएसटी चोरी किए जाने की आशंका है। इसके चलते अभी कार्यालय से आगे की जांच के लिए दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। जल्द ही जांच पूरी करने के बाद कर चोरी की शेष रकम मय ब्याज के ठेकेदार से जमा कराई जाएगी।