बुलंदशहर। घर का चूल्हा ठंडा न पड़े, इसके लिए उपभोक्ता सिलिंडर के लिए सुबह से ही लाइन में लग जाता है। दिनभर धक्के खाने के बाद यदि सिलिंडर मिल जाता है तो खुद को खुशकिस्मत मानता है। दूसरी तरफ पिछले दरवाजे से होकर घरेलू गैस सिलेंडर दुकादारों को आसानी से मिल रहे हैं। कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं जिला आपूर्ति कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर दुकानदार धड़ल्ले से घरेलू सिलिंडर का उपयोग कर रहे हैं, उधर अधिकारी कह रहे हैं कि जिले में सब ठीक है।
गैस की किल्लत दिखाकर जरूरतमंद लोगों को घरेलू सिलिंडर नहीं दिया जा रहा है। यही घरेलू सिलिंडर रेहड़ी, ढाबे और होटलों में खुलेआम इनका उपयोग किया जा रहा है। रेहड़ी और ढाबे चलाने वाले कुछ लोगों का कहना है कि काॅमर्शियल सिलिंडर इस समय 3110 रुपये का मिल रहा है। घरेलू सिलिंडर आसानी से 1500 रुपये में मिल जाता है।
जिले में 6,49,975 घरेलू और 3,85,106 उज्ज्वला योजना के कुल 10,35,081 गैस कनेक्शन हैं। 91 गैस एजेंसी संचालित हो रही हैं। इनके माध्यम से इन सभी कनेक्शन उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया जाता है। पिछले दो माह से गैस की लगातार किल्लत बनी हुई है। एजेंसी पर लाइन में घंटों खड़ा होने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा।
जिला आपूर्ति कार्यालय के पास ठेले पर प्रयोग हो रहे तीन घरेलू सिलिंडर
जिला आपूर्ति विभाग कार्यालय के पास एक ठेले पर घरेलू सिलिंडर का प्रयोग चल रहा था। सिलिंडर के बारे में जानकारी करने पर ठेला संचालक कोई जवाब नहीं दे सका। वहीं, कुछ दूरी पर खड़े एक रेहड़ी संचालक ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर महंगा हो गया। जबकि घरेलू सिलिंडर आसानी से 1500 रुपये तक ब्लैक में मिल जाता है। सिलिंडर भी एजेंसी के हॉकर पहुंचा देते हैं। ऐसा होने पर महंगे कॉमर्शियल सिलिंडर की जरूरत नहीं पड़ती है।
जिला अस्पताल के बाहर हो रहा घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग
जिला अस्पताल के बाहर चाय व खाने-पीने की रहेड़ी संचालित हो रही हैं। यहां पर घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग खुलेआम देखा जा सकता है। इस पर किसी भी अधिकारी की नजर नहीं पड़ती है। अभी तक विभाग की ओर से घरेलू सिलिंडर का प्रयोग करने वालों पर किसी तरह की कार्रवाई तक नहीं की गई है। वहीं, अधिकारियों की लापरवाही से खुले में रखे सिलिंडर से कोई हादसा हो सकता है। जबकि जिला अस्पताल के आसपास इस तरह खुलेआम गैस सिलिंडर का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह का कहना है कि जिले में गैस की कमी नहीं है। एजेंसियों पर नियमानुसार ही उपभोक्ताओं को सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कॉमर्शियल गैस डिमांड के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही है। रेहड़ी, ढाबों व होटल पर घरेलू सिलिंडर का प्रयोग नहीं होने दिया जाएगा।
औरंगाबाद में होम डिलीवरी की व्यवस्था लड़खड़ाई, आंदोलन की दी चेतावनी
औरंगाबाद। कस्बे की एकमात्र प्रिंस एचपी गैस एजेंसी ने नगर और देहात में होम डिलीवरी की व्यवस्था को बंद कर दिया है। इससे गैस आपूर्ति की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। इसको लेकर शासन से नामित सभासद ने आंदोलन की चेतावनी दी है। इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत के चलते उपभोक्ताओं में त्राहि-त्राहि मची है। आलम यह है कि गैस एजेंसी पर घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य/शासन से नामित सभासद और पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी ने इस अव्यवस्था पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने गैस एजेंसी संचालक को चेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो गैस एजेंसी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
जिला आपूर्ति कार्यालय के पास रेहड़ी पर चल रहा घरेलू गैस सिलिंडर। संवाद
जिला आपूर्ति कार्यालय के पास रेहड़ी पर चल रहा घरेलू गैस सिलिंडर। संवाद
जिला आपूर्ति कार्यालय के पास रेहड़ी पर चल रहा घरेलू गैस सिलिंडर। संवाद